आखिर क्यों फिलिस्तीन – इजराइल के बीच होता है बार-बार युद्ध

Israel Palestine Conflict – हम सभी जानते हैं इजराइल व फिलिस्तीन एक दुसरे से लड़ते ही रहते है. आइये जानते है इसके बारे में –

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Israel-Palestine Conflict

येरूशलम तीन धर्मों को मानने वालों के बहुत ही पवित्र जगह है। इसी कारण से इस जगह पर सब अपना हक जता रहे हैं और कोई भी इस जगह को छोड़ना नहीं चाहता।

अब क्यों बढ़ा इजराइल व फिलिस्तीन के बीच फिर से तनाव?

यरूशलम के लिए फिलिस्तीन और इजरायल के बीच पुराने समय से तनाव चला आ रहा है।
ऑस्ट्रेलिया के फैसले ने इन दोनों के बीच तनाव और अधिक बढ़ा दिया है।

आस्ट्रेलिया ने फैसला किया है कि येरूशलम को इजराइल की राजधानी के तौर पर मान्यता वापस करने की बात कही है।

इस मुद्दे पर विश्व के अन्य देश ऑस्ट्रेलिया के इस फैसले से सहमत नहीं है। कुछ इस फैसले को लेकर इजराइल के समर्थन में है तो कुछ विरोध में।

और कुछ देशों की राय तो बिल्कुल ही अलग है।

इस फैसले को लेकर फलस्तीन और इजरायल दोनों में से एक भी झुकने को तैयार नहीं है। यह दोनों ही इस पवित्र स्थान को अपनी जगह बताते हैं।

ऐसे में यह जानना बहुत ही आवश्यक हो जाता है कि आखिरकार इस जगह में ऐसी क्या खास बात है, कि दोनों ही देश पीछे हटने को तैयार नहीं है।

येरूशलम है मुस्लिम, ईसाई और यहूदियों के लिए पवित्र नगरी –

आपकी जानकारी के लिए बता दें, कि येरूसलम दुनिया के सबसे पुराने नगरों में से एक है।

और माना जाता है कि यह स्थान दुनिया में तीन धर्मों को मानने वाले लोगों के लिए बहुत ही पवित्र जगह है।

यही वजह है कि इस्लाम के लिए फिलिस्तीन और यहूदियों के लिए इजराइल एक पवित्र स्थल है।
येरूसलम के इतिहास के बारे में बताया जाता है कि यह जगह दो बार उजड़ने के बाद फिर से बसी थी। इस पर करीब 52 बाहरी लोगों ने हमला करके बर्बाद कर दिया था। इतिहास में उनका अलग-अलग वर्णन किया गया है।

हिब्रू में लिखी बाइबिल में इस जगह का जिक्र किया गया है। इस जगह पर किंग सोलोमन ने एक पवित्र मंदिर का निर्माण कराया था, जिसे बाद में रोमन साम्राज्य ने नाश कर दिया था।

इस्लाम धर्म में सुन्नी समुदाय के लिए यह जगह मक्का और मदीना के बाद धरती पर तीसरी सबसे पवित्र जगह है। कहा जाता है कि यहां पर इब्राहिम ने अपने बेटे को कुर्बान कर दिया था।

ईसाई धर्म में भी इस जगह की अहमियत बहुत ज्यादा है क्योंकि इस जगह का सीधा संबंध यीशु के बचपन से है।

इस्लाम को मानने वाले इस जगह का ताल्लुक मोहम्मद साहब से बताते हैं कि मोहम्मद साहब यहीं से जन्नत गए थे।

येरूशलम में करीब 158 गिरजाघर और करीब 73 मस्जिद है। इस्लाम धर्म को मानने वालों के लिए यहां पर उनकी सबसे पवित्र अल-हरम मस्जिद है।

इसको गोल्डन टेंपल और डोम आफ द रॉक भी कहा जाता है।

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