दालचीनी के 11 फायदे जिन्हें आप नहीं जानते | Dalchini Ke Fayde

दालचीनी के फायदे (Dalchini Ke Fayde), दालचीनी के नुकसान, दालचीनी के उपयोग, औषधीय उपयोग (Dalchini Ke Upyog, Uses, Dalchini Ke Nuksan, dalchini, Cinnamon in Hindi)

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Dalchini Ke Fayde – Cinnamon in Hindi

हमारे वातावरण में कुछ ऐसी औषधियाँ मौजूद होती है जिनका सिर्फ नाम सुनकर आप उनके गुणों का अंदाजा नहीं लगा सकते। ऐसी ही एक औषधि का नाम होता है दालचीनी। नाम भले ही दाल और चीनी शब्दों से मिलकर बना हो लेकिन इसके फायदे अदभुत है। आइये जानते है दालचीनी के फायदे एवं इसके उपयोग के बारे में –

दालचीनी क्या है? (Cinnamon in Hindi)

दालचीनी को एक सदाबहार पेड़ माना जाता है। इसके पेड़ 10 से 15 मीटर ऊंचे होते हैं। इसका उत्पादन श्रीलंका और दक्षिण भारत में अधिक होता है। इसे लौरेसिई परिवार का माना जाता है।

दालचीनी की छाल तेजपात की वृक्ष छाल से अधिक पतली और अधिक सुगंधित होती है। इसकी छाल चिकनी और मुलायम होती है। दालचीनी के फलों को तोड़ने पर उनके अंदर से तारपीन के जैसी गंध आती है। इसके फूल छोटे-छोटे और सफेद रंग के होते हैं।

दालचीनी की पत्तियों को रगड़ने पर इसमें से तीखी गंध आती है। इसका उपयोग कई प्रकार की बीमारियों में भी किया जाता है।

मसाला दालचीनी
अंग्रेजी नाम Cinnamon
वैज्ञानिक नाम सिनामोमम वेरुम (Cinnamomum verum)
परिवार Lauraceae
बनावट व रंग लाल-भूरी पेड़ की छाल
सर्वाधिक उत्पादन करने वाले देश इंडोनेशिया, चीन, वियतनाम, श्री लंका
सर्वाधिक उत्पादन करने वाले भारतीय प्रदेश मेघालय, पश्चिम बंगाल, उत्तराखंड एवं महाराष्ट्र

दालचीनी में उपलब्ध पोषक तत्व (Nutrients)

यदि हम स्वाद की बात करें तो दालचीनी स्वाद में थोड़ी मीठी और थोड़ी तीखी होती है। इसमें कई पोषक तत्व पाए जाते हैं। इसमें भरपूर मात्रा में फास्फोरस, प्रोटीन, थाई मीन, सोडियम, विटामिन, पोटेशियम, कैल्शियम, मैग्नीज, निआसीन और कार्बोहाइड्रेट जैसे पोषक तत्व पाए जाते हैं।

इसके अतिरिक्त दालचीनी को एंटी ऑक्सीडेंट का भी एक अच्छा स्रोत माना जाता है। इसमें उपलब्ध सारे पोषक तत्वों में शरीर को स्वस्थ बनाए रखने के काफी सारे गुण मौजूद होते हैं।

तालिका – नीचे दी गयी तालिका में हमने दालचीनी के पौषक तत्वों का मुल्यांकन 100 ग्राम की मात्रा के अनुसार किया है. 100 ग्राम दालचीनी में लगभग 247 किलो कैलोरी उपलब्ध होती है. Source

पौषक तत्व मात्रा (ग्राम में)
कार्बोहाइड्रेट 50.59
प्रोटीन 3.99
कुल वसा 1.24
फाइबर 53.1
कैल्शियम 1.0
पौटेशियम 0.431
विटामिन ई .01044

दालचीनी में अन्य पौषक तत्व जैसे मैग्नीशियम, सोडियम, आयरन, नियासिन, विटामिन A, विटामिन K, विटामिन C आदि भी उपलब्ध है.

दालचीनी के उपयोग (Uses of Dalchini in Hindi)

दालचीनी एक ऐसा मसाला है जो हर भारतीय रसोई में मिल ही जाता है। दालचीनी को किसी भी पकवान में डालने के बाद उसका स्वाद बदल जाता है। व्यंजनों के अलावा इसका उपयोग और भी कहीं तरह से किया जाता है जिसको हम कुछ बिंदु के माध्यम से आपको बताएंगे –

  • दालचीनी का इस्तेमाल भारतीय रसोई में व्यंजनों में मसाले के रूप में किया जाता है।
  • दूध के साथ दालचीनी पाउडर का सेवन कर सकते हैं।
  • दालचीनी को शहद के साथ मिलाकर चेहरे पर लगाया जा सकता है।
  • इसे गुनगुने पानी में मिलाकर भी पी सकते हैं।
  • इसका उपयोग काढ़ें मे भी किया जा सकता है।
  • दालचीनी को हम बालों को धोने के लिए भी इस्तेमाल कर सकते हैं उसके लिए पहले दालचीनी को पानी में उबाला जाता है।
  • दालचीनी का प्रयोग चवनप्राश बनाने में भी किया जाता है।
  • इसकी पत्तियों के तेल से मच्छरों को भगाया जाता है।

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दालचीनी के फायदे (Dalchini Ke Fayde) –

दालचीनी को स्वास्थ्य की दृष्टि से काफी अच्छा माना जाता है इसीलिए लोग दालचीनी को उसके स्वाद और गुण को ध्यान रखते हुए खरीदना पसंद करते हैं। इसके हमारे स्वास्थ्य में काफी फायदे हैं जो इस प्रकार हैं –

1. एंटी-ऑक्सीडेंट से भरपूर-

दालचीनी एक ऐसा मसाला है जिसमें एंटी ऑक्सीडेंट गुण भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं। पशु पर किए गए एक अध्ययन में यह स्पष्ट हुआ है की दालचीनी में प्रोसानिडिन्स यानी एक प्रकार का केमिकल पाउडर होता है जो एंटी ऑक्सीडेंट गतिविधि को दर्शाता है।

इसके अलावा जब ओर मसालों के साथ दालचीनी के एंटी ऑक्सीडेंट गुणों के तुलना की गई तो दालचीनी को उन सब में बढ़िया पाया गया। इसलिए दालचीनी एक एंटी ऑक्सीडेंट गुणों से भरपूर औषधि भी है।

2. मधुमेह और ब्लड शुगर के लिए-

दालचीनी खाने से डायबिटीज या मधुमेह को नियंत्रित किया जा सकता है। मधुमेह से पीड़ित यदि आहार में नियमित रूप से दालचीनी का सेवन करते हैं तो काफी हद तक मधुमेह को नियंत्रित किया जा सकता है क्योंकि इसमें एंटी डायबिटीज गुण पाए जाते हैं।

इसके अतिरिक्त एक शोध के अनुसार दालचीनी में मौजूद पॉली फेनाल्स सिरम ग्लूकोस और इंसुलिन को कम करके ब्लड शुगर और डायबिटीज के खतरे को कम कर सकते हैं।

3. हृदय रोग में दालचीनी के फायदे

दालचीनी का सेवन करने से शरीर में कोलेस्ट्रॉल को कम किया जा सकता है यदि कोलेस्ट्रॉल कम रहेगा तो आपका ह्रदय भी स्वस्थ रहेगा। एनसीबीआई के एक शोध के अनुसार बताया गया है कि जो व्यक्ति एक,तीन और छह ग्राम दालचीनी का सेवन करता है तो उसके शरीर में मौजूद सिरम ग्लूकोस और टोटल कोलेस्ट्रॉल का स्तर कम हो जाता है जिस कारण हृदय रोगों से बचने में मदद मिल सकती हैं।

इसके अतिरिक्त इसमें मौजूद घटक सिनामलडिहाइड और सिनामिक एसिड कार्डियो प्रोटेक्टिव गुण को प्रदर्शित करते हैं इसी कारण दालचीनी को हृदय रोग से बचाव के लिए अहम माना जाता है।

4. कैंसर के लिए

दालचीनी के नियमित रूप से आपने खाने में सेवन करने से कैंसर की कोशिकाओं के विकास को कम करने और फैलने में मदद मिल सकती है। क्योंकि चूहों पर किए गए एक अध्ययन में कहा गया है कि इसमें कीमो प्रेटिव गुण होते हैं।

सोच के अनुसार दालचीनी में मौजूद एंटी इफ्लेमेटरी, एंटी ऑक्सीडेंट आदि पोषक तत्व मिलकर कीमो प्रेटिव एजेंट की तरह काम करते हैं।

यह सभी पोषक तत्व मिलकर कैंसर सेल्स के बनने की प्रक्रिया को रोक देते हैं जिससे कैंसर का खतरा कम हो सकता है।

5. पाचन के लिए

दालचीनी के सेवन से पाचन तंत्र स्वस्थ रह सकता है। माना जाता है कि प्राचीन काल से ही दालचीनी का सेवन पाचन संबंधी परेशानियों को दूर करने के लिए किया जाता था। क्योंकि इसमें एंटी माइक्रो-बियल गुण होते हैं जिनके कारण पाचन तंत्र में संक्रमण फैलाने वाले बैक्टीरिया खत्म हो सकते हैं। यह गुण एक ऐसा गुण है जो बैक्टीरिया को बढ़ने से रोकता है क्योंकि बैक्टीरिया खाने के माध्यम से पेट में पहुंचकर समस्या पैदा कर सकते हैं।

6. मस्तिष्क स्वास्थ्य के लिए

दालचीनी के घरेलू उपायों में मस्तिष्क के लिए काफी फायदेमंद माना जाता रहा है। दालचीनी मस्तिष्क मैं मौजूद तनाव को कम करके मस्तिष्क को स्वस्थ बनाने का काम कर सकती है। चूहों पर किए गए एक शोध के अनुसार दालचीनी याददाश्त को भी बढ़ा सकती है। शोध के अनुसार दालचीनी का सेवन करने से उत्पादित होने वाले सोडियम बेंजोएट की वजह से मस्तिष्क स्वस्थ रह सकता है।

7. ब्रोंकाइटिस

यह एक श्वसन संबंधी एक समस्या है। इस प्रकार के रोग में फेफड़ों के अंदर मौजूद सांस नली में इंफेक्शन और सूजन की समस्या हो जाती है। यह एक ऐसा रोग है जिसमें सांस लेने में तकलीफ और सीने में जलन जैसी समस्याएं होती है।

इस समस्या से बचने के लिए दालचीनी का नियमित रूप से उपयोग किया जा सकता है। एनसीबीआई के एक शोध के अनुसार बताया गया है कि यह श्वसन तंत्र से संबंधित रोगो को खत्म कर सकती है।

8. एचआईवी

जैसा कि हम सभी जानते हैं एचआईवी एक गंभीर बीमारी है। इसके इलाज के लिए किसी भी तरह के घरेलू उपचार पर निर्भर रहना सही नहीं है। एचआईवी से संक्रमित व्यक्ति को डॉक्टर से ही सलाह लेनी चाहिए।

एचआईवी पर दालचीनी को लेकर किए गए शोध की बात करें तो एनसीबीआई में किए गए अध्ययन में बताया गया है कि दालचीनी में मौजूद प्रोजेनिडिन पॉलीफेनोल एंटी-एचआईवी-1 गतिविधि प्रदर्शित करता है।

9. फंगल इंफेक्शन के लिए

दालचीनी का सेवन करने से फंगल इंफेक्शन में भी काफी फायदा मिल सकता है क्योंकि दालचीनी में एंटीफंगल गुण पाए जाते हैं जो फंगल संक्रमण से शरीर को बचाने में मदद कर सकते हैं।

दालचीनी के तेल में एंटीफंगल प्रभाव फंगल इंफेक्शन से लड़ने में मदद कर सकता है जिससे फंगल इन्फेक्शन को नियंत्रित किया जा सकता है।

10. दालचीनी के फायदे बालों के लिए

दालचीनी के बालों के लिए कई लाभ है जिनमे से कुछ इस प्रकार है –

  • दालचीनी में प्रोसीनिडिन नामक यौगिक पाया जाता है जो केशो की अच्छी वृद्धि के लिए बहुत अच्छा होता है।
  • दालचीनी से बालों को रंगा भी जा सकता है।
  • दालचीनी के लेप से रूसी की समस्या को समाप्त किया जा सकता है।
  • दालचीनी के उपयोग से बालों की जड़ो में रक्त का संचार बढ़ाया जा सकता है जिससे बाल मजबूत होते है।
  • दालचीनी में प्रोसीनिडिन नामक यौगिक पाया जाता है जो केशो की अच्छी वृद्धि के लिए बहुत अच्छा होता है।
  • दालचीनी से बालों को रंगा भी जा सकता है।
  • दालचीनी के लेप से रूसी की समस्या को समाप्त किया जा सकता है।
  • दालचीनी के उपयोग से बालों की जड़ो में रक्त का संचार बढ़ाया जा सकता है जिससे बाल मजबूत होते है।

11. दालचीनी के फायदे पुरुषों के लिए

दालचीनी पुरुषों के लिए भी कई तरह से लाभकारी है आइये जानते है इसके लाभ –

  • यह उन पुरुषों के लिए बहुत लाभकारी है जो संतान उत्पन्न करने की क्षमता खो चुके है या जिन्हें ऐसा करने में दिक्कत आ रही हो। बस इसके सेवन का सही तरीका पता होना चाहिए।
  • दालचीनी से सेक्स करने के समय को बढ़ाया जा सकता है।
  • इस औषधि के सेवन से त्वचा को जवान बनाये रहने में मदद मिलती है।
  • दालचीनी सेक्स की इच्छा बढ़ाने में भी बहुत उपयोगी मानी जाती है।

दालचीनी खाने के नुकसान (Dalchini Ke Nuksan)

जहां एक तरफ दालचीनी खाने से काफी सारे फायदे मिलते हैं वहीं दूसरी ओर इसके सेवन से कुछ नुकसान भी सामने आ सकते हैं इसी वजह से हम दालचीनी के नुकसान के बारे में कुछ बिंदु आपको बताएंगे –

  1. दालचीनी में मौजूद एसिडिक नेचर की वजह से दातों में प्लांक और अन्य समस्या का सामना करना पड़ सकता है।
  2. इसके अधिक सेवन से पेट संबंधी विकार हो सकते हैं।
  3. दालचीनी के सेवन से एलर्जी की समस्या भी हो सकती है।
  4. लिवर संबंधी समस्या भी दालचीनी के अधिक सेवन से हो सकती है।
  5. दालचीनी से ग्लूकोस का लेवल कम हो सकता है जिससे व्यक्ति उर्जा हीन महसूस कर सकता है।

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सुबह खाली पेट दालचीनी खाने का फायदा –

दालचीनी औषधीय गुणों का भंडार है। हर भारतीय रसोई में दालचीनी आसानी से उपलब्ध हो जाती है। खाली पेट इसका सेवन करने से शरीर को कई फायदे मिलते हैं जो इस प्रकार हैं –

  • सुबह खाली पेट इसका सेवन करने से आपको पेट में जलन, ब्लोटिंग की समस्या और कब्ज से भी फायदा मिलता है।
  • यदि पेट में कोई संक्रमण है तो सुबह खाली पेट इसका सेवन से संक्रमण काफी हद तक कम हो सकता है।
  • एंटीबैक्टीरियल गुण के कारण सुबह खाली पेट इसके सेवन करने से डायबिटीज की समस्या भी काफी हद तक कम हो सकती है।
  • खाली पेट दालचीनी का सेवन जोड़ों के दर्द में भी काफी कारगर सिद्ध हो सकता है।
  • वजन को नियंत्रित बनाए रखने में दालचीनी का सेवन खाली पेट करने से काफी फायदा मिलता है।
  • खाली पेट दालचीनी का सेवन स्किन के लिए काफी फायदेमंद होता है क्योंकि इसमें एंटी-इफ्लेमेटरी गुण होता है।
  • दालचीनी का सेवन सुबह खाली पेट करने से शरीर में रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है।
  • दालचीनी का खाली पेट सेवन करने से कोलेस्ट्रॉल कम होता है जिससे हृदय स्वस्थ रहता है।

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दालचीनी सेवन करने का तरीका (How to Eat)

दालचीनी को औषधीय गुणों से भरपूर माना जाता है। शरीर की इम्यूनिटी बढ़ाने के साथ-साथ यह कई जानलेवा बीमारियों से भी बचा सकती है। लेकिन इसका सेवन सही तरीके से और सही मात्रा में करना बहुत ही आवश्यक है।

आगे हम आपको इसके सेवन का सही तरीका बताएंगे-

ज्यादातर दालचीनी का सेवन विभिन्न तरह के पकवानों में किया जाता है ।कई लोग इसे चाय में डालना भी पसंद करते हैं।

दालचीनी के छाल, पत्ते, जड़ और तेल का उपयोग किया जाता है। इसकी छाल का सेवन 1 से 3 ग्राम और चूर्ण का सेवन भी 1 से 3 ग्राम करना चाहिए। इसके अलावा तेल की 2 से 5 बूंदे ले सकते हैं।

इसका सेवन शहद के साथ भी किया जाता है। इसके लिए एक कप पानी में दो चम्मच शहद और तीन चम्मच दालचीनी पाउडर डालकर मिला लें और दिन में तीन बार इसका सेवन करें। यदि किसी व्यक्ति को डायरिया की अधिक समस्या है तो एक चम्मच शहद के साथ 5 ग्राम दालचीनी का पाउडर मिलाकर इसका सेवन करें।

अधिक खांसी में दो चम्मच शहद के साथ आधा चम्मच दालचीनी का पाउडर मिलाकर सुबह शाम इसका सेवन करना चाहिए।

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FAQ (सवाल जबाब)

दालचीनी के औषधीय उपयोग क्या है?

दालचीनी के औषधीय उपयोग इसका काढ़ा बनाना, इसे चवनप्राश बनाने में, तथा बालों को स्वस्थ करना आदि होते है।

दालचीनी की तासीर क्या है?

दालचीनी की तासीर गर्म होती है। इसलिए इसके अधिक सेवन से जलन उत्पन्न हो सकती है।

दालचीनी कैसी होती है?

दालचीनी एक 10 से 15 मीटर उचाई का पेड़ होता है इस पेड़ की छाल को ही दालचीनी के रूप में उपयोग किया जाता है।

ध्यान देने योग्य

दालचीनी में कई औषधीय गुण होते है जिनकी बजह से यह बहुत लोगो के लिए लाभकारी सिद्ध होता है। यह भी आवश्यक नहीं की दालचीनी सभी के लिए फायदेमंद साबित हो। क्योंकि दालचीनी की तासीर गर्म होती है इसलिए कोई भयंकर रोग होने की दशा में इसका सेवन चिकित्सक से पूछे बिना न करे।


आज हमने क्या जाना?

आज हमने इस ज्ञानवर्धन लेख में दालचीनी (Cinnamon in Hindi) के बारे में विस्तार से जाना। हमने दालचीनी के फायदे (Dalchini Ke Fayde), दालचीनी के नुकसान (Dalchini Ke Nuksan), दालचीनी के उपयोग (Dalchini Ke Upyog) आदि के बारे में बात की। आशा करते है हमारा यह छोटा सा प्रयास आपको बेहद पसंद आया होगा। आप आगे किस औषधि के बारे में मालूम करना चाहते है कमेंट में अवश्य बताये।

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