जैसलमेर के 11 बेहतरीन पर्यटन स्थल | Jaisalmer Tourist Places in Hindi

जैसलमेर में घुमने की जगह (Jaisalmer Tourist Places in Hindi) जैसलमेर का इतिहास, जैसलमेर में घुमने कब जाये? (History of Jaisalmer in Hindi, Places to Visit in Jaisalmer in Hindi)

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जैसलमेर के पर्यटन स्थल – Jaisalmer Tourist Places in Hindi

जैसलमेर राजस्थान एक प्रसिद्ध नगर है, जिसकी स्थापना 1156 में भाटी राजा जैसल ने की थी। यहां की नक्काशी दार हवेलीयों, गलियों, प्राचीन जैन मंदिरों, व यहाँ लगने वाले मेलों के कारण यह पर्यटन के लिहाज से एक प्रमुख नगर है। जैसलमेर ने भारत के कई कालो को देखा और सहा है।

यह मुगल साम्राज्य में भी लगभग 300 वर्षों तक अपने अस्तित्व को बनाए रखने में सक्षम रहा। जैसलमेर का इतिहास और सुंदरता पर्यटको को मोहित करने में सक्षम है। इस शहर में कई आकर्षण है। रेगिस्तान में जीप टूर और ऊट सफारी आपके उत्साह को काफी बढ़ा सकती है। यह शहर चारों तरफ से बंजर रेत और शुष्क थार रेगिस्तान से घिरा हुआ है जो दूर से पीले रंग में चमकता है।

जैसलमेर का इतिहास (History of Jaisalmer in Hindi)

जैसलमेर का इतिहास बहुत ही पुराना है, यहाँ के भाटी राजा रावल-जैसल ने 1156 ई० में इस शहर की स्थापना की थी। उन्होंने आने नाम पर ही इस शहर का नाम जैसलमेर रखा। रावल-जैसल के वंशजो ने जैसलमेर में लगभग 770 वर्षो तक शासन किया था। अंग्रेजी हुकुमत के सामने भी यह उस समय का यह राज्य निरंतर प्रग्रती के मार्ग पर अडिग रहा। जैसलमेर की स्थापना के बाद ही यहं 1156 में किले का निर्माण किया गया एवं कई मंदिर भी बनाये गए।

पर्यटन स्थल जैसलमेर
राज्य राजस्थान
स्थापना वर्ष 1156 ई०
जैसलमेर नाम क्यों पड़ा?रावल-जैसल के स्थापना करने के कारण
आधिकारिक भाषा हिंदी
क्षेत्रीय भाषा राजस्थानी
क्षेत्रफल (शहर)लगभग 62 वर्ग किमी०
जनसँख्या लगभग 1 लाख
प्रमुख धर्म हिन्दू

जैसलमेर के प्रसिद्ध पर्यटन स्थलों की सूची (List of Jaisalmer Tourist Places in Hindi)

जैसलमेर में कई सारे दर्शन स्थल हैं जिन्हें हर वर्ष बड़ी तादाद में पर्यटक घूमने आते है। इन बहुत ही सुन्दर व आकर्षक स्थलों को देखना केवल आपको आनंदित करेगा इसके आलावा आपको कभी न भूलने वाला अनुभव देगा। आइये जानते है जैसलमेर की कुछ बेहद जगहों के बारे में

1. कुलधरा (Kuldhara)

कुलधरा जैसलमेर का एक ऐसा गांव है जो शापित है जिसे भूतों का गांव भी कहा जाता है। इसका निर्माण तेहरवी शताब्दी में पालीवाल ब्राह्मणों ने किया था। यहां का दीवान सालम सिंह था। माना जाता है कि सालम सिंह की गंदी नजर एक लड़की पर थी जिसके कारण पालीवाल ब्राह्मणों ने इस गांव को छोड़ दिया और जाते जाते इसको शाप दिया। यह गांव 200 साल से वीरान पड़ा है।

इस गांव के लोग एक ही रात में गांव खाली कर कर चले गए थे तभी से यह गांव वीरान पड़ा है। कहा जाता है कि यहां रूहानी ताकत है। कभी यह खुशहाल गांव हुआ करता था लेकिन अब एक खंडहर है। हमारे देश में कई ऐसी जगह है जो अपने दामन में कई रहस्य समेटे हैं जिनको जानकर आपकी रूह तक कांप उठेगी। कुलधरा के खंडरो में शाम के बाद कोई जाने की हिम्मत नहीं कर सकता है अगर कोई जाता है तो उसका परिणाम बुरा होता है।

घूमने में लगने वाला समय – 1 से 2 घंटे

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2. जैसलमेर का किला (Jaisalmer fort)

यह किला राजस्थानी वास्तुकला का प्रतीक है। यह किला थार रेगिस्तान की सुनहरी रेत पर स्थित है जो एक विशाल महल के जैसा है। भारत के जैसलमेर में बने इस सबसे बड़े जीवित किले में लगभग 5000 लोग रहते हैं और यह एक यूनेस्को की विश्व धरोहर स्थल भी है। इस पीले बलुआ पत्थर के किले में विभिन्न द्वारा में प्रवेश किया जा सकता है जो इस प्रकार है गणेश पोल, सूरजपोल, भूत पोल और हवा पोल। इसमें एक प्रांगण भी है जिसे दशहरा चौक कहा जाता है।

इस किले के अंदर लक्ष्मीनाथ मंदिर, जैन मंदिर, कैनम पॉइंट, 5 स्तरीय मूर्तिकला, मेहरबालपैलेस और किला संग्रहालय जैसे कुछ प्रमुख आकर्षण है। यहां हर वर्ष हजारों लोग पर्यटन के लिए आते हैं। पर्यटन की दृष्टि से यह बहुत ही खास है।

प्रवेश समय – सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक

घूमने में लगने वाला समय – 3 से 4 घंटे

प्रवेश शुल्क – 30 से 40 रूपये (भारतीय नागिरक)
70 से 80 रूपये (विदेशी नागिरक)

3. सलीम सिंह की हवेली (Salim Singh ki Haveli)

यह हवेली भारत के जैसलमेर में स्थित है जो जैसलमेर के स्टेशन के पास बनी हुई है। इस हवेली की इमारत 1815 में सलीम सिंह के द्वारा बनवाई गई थी। इसे जहाज महल भी कहा जाता है क्योंकि इसके सामने का हिस्सा जहाज की तरह दिखाई देता है। इस इमारत की छत धनुषा कार और नीले कपोलो के साथ ढकी हुई है। सलीम सिंह की हवेली जैसलमेर के प्रसिद्ध स्थानों में से एक है जिसे देखने के लिए दूरदराज से पर्यटक आते रहते है. यह जैसलमेर की स्थापत्य कला का एक बेजोड़ नमूना है। इसमें भारतीय संस्कृति की अद्वितीय छाप है जो भारत के असीम इतिहास को दर्शाती है।

प्रवेश समय – सुबह 8 बजे से शाम 6 बजे तक

घूमने में लगने वाला समय – 1 से 2 घंटे

प्रवेश शुल्क – 50 से 60 रूपये प्रति व्यक्ति

4. जैन टेंपल जैसलमेर (Jain temple Jaisalmer)

यह मंदिर जैसलमेर के किले में स्थित है। इस पुराने मंदिर का निर्माण 12वी़और 15वीं शताब्दी के बीच में हुआ था। यह धार्मिक स्थल संभव देव और ऋषभदेव जैसे जैन तीर्थ करो को समर्पित है। इस मंदिर पर दिलवाड़ा शैली के चित्र, सुंदर पशु, और मानव चित्र अंकित है। यह 100 वर्षों से अधिक पुराना मंदिर है जो तीर्थ कहलाता है। मृत्यु वेदा पर विराजमान भगवान मंदिर के मूलनायक कहलाते हैं।

जैन मंदिर में कई ऐसे मंदिर हैं जहां मूर्ति के स्थान पर निजवाणी रखी जाती है। जैन मंदिर कई निर्माण शैली में बनाए जाते हैं। सबसे बड़ा जैन मंदिर पार्श्वनाथ जैन मंदिर है। जैन मंदिर पर्यटन की दृष्टि से काफी अच्छे होते हैं, धार्मिक दृष्टि पर्यटन के लिए यह बहुत ही पवित्र स्थल है।

प्रवेश समय – सुबह 8 बजे से रात 12 बजे तक

घूमने में लगने वाला समय – 2 घंटे

प्रवेश शुल्क – भारतीय नागरिको के लिए कोई शुल्क नहीं एवं विदेशी नागरिको क शुल्क देना होगा

5. नाथमल की हवेली (Nathmal Ki Haveli)

नाथमल की हवेली एक प्रसिद्ध हवेली है, जो भारत के जैसलमेर शहर में केंद्र में स्थित है। यह अपने स्थापत्य शैली के लिए प्रसिद्ध है जो राजपूत और मुगल डिजाइन का संलयन है। इसे नाथमल के निवास स्थान के रूप में महा रावल वेरीसाल के द्वारा बनाया गया था। नाथमल की हवेली पर सैनिकों के चित्र, पक्षी, हाथी, फूल, साइकिल, भाप इंजन के चित्र बनाए गए हैं।

इस हवेली का निर्माण 19वीं शताब्दी में किया गया था। नाथमल की हवेली को नोखंड हवेली भी कहा जाता है। नाथमल की हवेली भारतीय संस्कृति का एक अचूक नमूना है, जिसमे पाश्चात्य कला के दर्शन होते हैं। नाथमल की हवेली पर्यटन के लिए बहुत ही आकर्षक है। अगर यहां पर्यटन के लिए जाया जाता है तो आपको यहां भारतीय संस्कृति के दर्शन होते हैं।

प्रवेश समय – सुबह 8 बजे से शाम 6 बजे तक

घूमने में लगने वाला समय – लगभग 2 घंटे

प्रवेश शुल्क – शून्य

6. बड़ा बाग (Bada Bagh)

बड़ा बाग शाही परिवारों से संबंधित है। यह भारत के जैसलमेर में स्थित है। शाही परिवारों के मकबरे की एक श्रंखला के साथ एक उद्यान परिसर बड़ा बाग राजस्थान के अतीत से संबंधित एक महत्वपूर्ण स्थान है इसमें पहाड़ी के तल पर मकबरे या कब्रगाह के प्रवेश द्वार है। इस बगीचे में कई भूरे रंग की छतरिया है जोकि गुंबाद गोलाकार या पिरामिड के आकार की बनी हुई है। यहां पर आप पक्षियों की चहचाहट का लुफ्त उठा सकते हैं।

इस जगह आप अगर घूमना चाहते हैं तो अक्टूबर से फरवरी के महीने में ही घूमे। जो शांतिप्रिय पर्यटक है वह इस बगीचे में पहुंच कर मन को शांति से परिपूर्ण कर सकते हैं। हर साल बड़ा बाग को देखने के लिए पुरे भारत से लोग आते हैं।

इस बाग में मुख्यतः शाही परिवार ही पर्यटन किया करते थे इसीलिए यह बाग शाही परिवारों को समर्पित है। यहां शाही परिवार से संबंधित सभी चीजें मौजूद है। शाही परिवारों को भी बाग बगीचों में पर्यटन का बहुत शौक हुआ करता था, वे भी प्रकृति का लुफ्त उठाते थे।

प्रवेश समय – सुबह 9 बजे से शाम 6 बजे तक

घूमने में लगने वाला समय – 2 से 3 घंटे

प्रवेश शुल्क – देय (Paid)

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7. गड़ीसर झील (Gadisar Lake)

गड़ीसर झील भारत के जैसलमेर में स्थित एक खूबसूरत झील है, जो शहर से बाहर स्थित है। जो शांति प्रेमी पर्यटक है उनके लिए इसकी लोकेशन बहुत ही खास है। इसका इतिहास १४ शताब्दी का है जब यह पूरे शहर के लिए पानी का एक प्रमुख स्रोत था।

यहां पर पर्यटक वोटिंग का लुफ्त उठा सकते हैं। यह एक लोकप्रिय पर्यटक स्थल है। झील के निकट से ही आप जैसलमेर किले और किनारों पर मौजूद मंदिरों के सुंदर दृश्यों का आनंद ले सकते हैं। यहां पर कई प्रवासी पक्षियों का जमावड़ा दिखाई देता है जो कि सिर्फ सर्दियों में ही दिखाई देते हैं इसलिए यहां आने का सही समय अक्टूबर से मार्च तक है। यहां पर घूम कर मन को बहुत ही शांति मिलती है।

अगर आप प्रवासी पक्षियों को देखना चाहते हैं तो आप सर्दियों में यहां घूमने आ सकते हैं। पुराने समय हमें यह पानी का एक प्रमुख स्रोत था क्योंकि कोसों दूर से पानी लेने जाना पड़ता था। उस समय लोगों को पानी के लिए काफी मेहनत करनी पड़ती थी। पानी के लिए कुए और झीलें ही होती थी जो शहर और गांव से बाहर होती थी। यह झील पाश्चात्य संस्कृति की याद दिलाती है।

प्रवेश समय – सुबह से रात देर तक

घूमने में लगने वाला समय – लगभग 2 से 3 घंटे

प्रवेश शुल्क – शुन्य

नौकायन (बोटिंग) – सुबह 8 बजे से शाम 8 बजे तक

8. थार विरासत संग्रहालय (Thar heritage Museum)

यह संग्रहालय भारत के जैसलमेर में स्थित है। यह एक छोटा सा संग्रहालय है लेकिन इसमें आकर्षक और अनोखे संकलन, जैसलमेर का इतिहास , लोकृतिया, पूर्व समय के चलचित्र और शहर के पुराने समय के ऐतिहासिक संग्रह का पूरा ब्यौरा है। यह जैसलमेर के सही समय का एक निजी संग्रहालय है।

यहां की व्यवस्था काफी मददगार है क्योंकि यहाँ काम करने वाले लोग पर्यटकों को पूरे संग्रह में मार्गदर्शन कराते है व उन्हें यहाँ मौजूद हर चीज का जानकारी देते है। इस संग्रहालय में ऐतिहासिक और सांस्कृतिक कलाकृतियों का सटीक विवरण है। अगर आप भी ऐतिहासिक वस्तुओं के बारे में जानकारी चाहते हैं तो आपको इस संग्रहालय में जरूर जाना चाहिए।

प्रवेश समय – सुबह 9 बजे से रात 8 बजे तक

घूमने में लगने वाला समय – 1 से 2 घंटे

प्रवेश शुल्क – 30 से 40 रूपये (भारतीय नागरिक)
70 से 80 रूपये (विदेशी नागरिक)

9. पटवों की हवेली (Patavon Ki Haveli)

जैसलमेर में घूमने के स्थानों की सूची में सबसे ऊपर पटवों की हवेली आती है क्योंकि यह परिसर में 5 छोटी हवेलियों का एक शानदार समूह है। इस हवेली में उत्तम वॉल पेंटिंग लगाई हुई है, शीशे का काम किया गया है, और खिड़कियों और बालकनी ऊपर भव्य नक्काशी की गई है जोकि हवेली की भव्यता को बढ़ाते हैं।

इस आकर्षक हवेली में हवादार आंगन है एवं हवेली में 60 बालकनी भी है। प्रत्येक बालकनी में विशिष्ट नक्काशी की गई है। हवेली के संग्रहालय में आपको पटवा परिवार से संबंधित पत्थर के काम और कलाकृतियां का दुर्लभ संग्रह भी मिलेगा।

यहां पर जाने का सबसे अच्छा समय सितंबर से फरवरी के बीच होता है। क्योंकि राजस्थान में वैसे ही बहुत गर्मी होती है और गर्मी में पर्यटन सुलभ नहीं होता। पटवों की हवेली उस समय के शासकों द्वारा बनवाई गई थी इसमें उन्होंने कई वर्षों तक निवास किया। पुरानी जो हवेलियां है वह हमारे भारतीय संस्कृति की याद दिलाती है। उन में कलाकृति हो और चलचित्र के द्वारा दिखाया गया है कि पहले कम संसाधनों के होते हुए भी पुराने कारीगर कितने उम्दा हुआ करते थे जिन्होंने किस तरह भारत के इतिहास पर अपने सटीक छाप छोड़ी है। पटवा की हवेली भारतीय संस्कृति का एक अचूक नमूना है।

प्रवेश समय – सुबह 9 से शाम 5 बजे तक

घूमने में लगने वाला समय – लगभग 1 से 2 घंटे

प्रवेश शुल्क – 20 से 30 रूपये प्रति व्यक्ति

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10. सैम सैंडड्यू न्स (Sam Sand Dunes)

यह एक रेगिस्तानी स्थल है जोकि भारत के जैसलमेर में स्थित है। यह एक प्रमाणिक रेगिस्तान है। सूर्योदय और सूर्यास्त के समय यहां पर मंत्रमुग्ध कर देने वाले दृश्य दिखाई देते हैं। इस रेगिस्तान में आप ऊंट की सवारी का आनंद ले सकते हैं। जीप सफारी भी आप यहां पर कर सकते हैं। यहां पर लोक नृत्य भी सुनाई देते हैं। और रात के समय में संगीत का आनंद भी आप ले सकते हैं। यहां के व्यंजन भी बहुत स्वादिष्ट होते हैं।

इस जगह राजस्थान की संस्कृति और विरासत को प्रदर्शित करने वाली कई गतिविधियां दिखाई देती है। यह जैसलमेर से 42 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। यह पाकिस्तान की सीमा के काफी पास है। सैम सेंड ड्यून्स को सैम के नाम से भी जाना जाता है।

घूमने में लगने वाला समय – 1 से 2 घंटे

11. व्यास छतरी

महाभारत के महान लेखक ऋषि व्यास जी को कौन नहीं जानता, व्यास छतरी का निर्माण उन्ही की याद में बनवाया गया था। यह सुनहरे बलुआ पत्थरों का एक बड़ा समूह है जिसकी सोभा देखते ही बनती है। इस संरचना के उत्तर में आप महा ऋषि व्यास जी की स्मारक पाएंगे। जैसलमेर आने वाले आगंतुको के लिए यह पर्यटन स्थल हमेशा से ही आकर्षण का केंद्र रहा है।

यहाँ से सूर्योदय एवं सूर्यास्त के नज़ारे इतने सुन्दर दिखाई देते है कि आपका व्यास छतरी में प्रतिदिन आने का मन करेगा। यह बलुआ पत्थरों से बनी संरचना शहर के सबसे चर्चित पर्यटन स्थल बड़ा बाग के भीतर स्थित है। यदि आप भी मेरी तरह रेगिस्तान में सूर्यास्त देखने पसंद करते है तो जैसलमेर की यह जगह आपको बहुत ही मोहित करेगी एवं आपको दिन ढलने के एक अद्भुत ही नजारा दिखाएगी।

प्रवेश समय – सुबह 8 बजे से शाम 7:30 बजे तक

घूमने में लगने वाला समय – लगभग 1 से 2 घंटे

प्रवेश शुल्क – शून्य

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जैसलमेर के अन्य प्रमुख पर्यटन स्थल (Other Tourist Places of Jaisalmer in Hindi)

राजस्थान का यह शहर पर्यटन स्थलों से सरोबोर है यहाँ घूमने की अनेक जगह है। कुछ जगहों के बारे में हमने ऊपर विस्तार से बात की तथा कुछ के बारे में हम नीचे तालिका में बता रहे है।

स्थान पता
तनोट माता मंदिर तनोट रोड, भारत-पाकिस्तान बॉर्डर
जैसलमेर युद्ध संग्रहालय जैसलमेर-जोधपुर हाईवे
दशहरा चौक गोल्डन किला
खाबा किला खाबा गाँव, थार रेगिस्तान
ताजिया टावर बादल पैलेस कॉम्प्लेक्स, अमर सागर गेट के पास
सूर्य गेट जैसलमेर किला
मंदिर पैलेस सदर बाजार, जैसलमेर
महाराजा पैलेस मुख्य चौक, जैसलमेर किला

जैसलमेर के मुख्य बाजार (Markets of Jaisalmer in Hindi)

यदि आप जैसलमेर घूमने के लिए जा रहे है तो आपको यहाँ के मुख्य बाजारों में भी एक बार अवश्य जाना चाहिए। यहाँ के बाजारों में आपको चांदी के गहने, बारीक तैयार किए गए गहने, सजावटी चमड़े के सामान, और पारंपरिक बिस्तर सामग्री, पारम्परिक कपड़े आदि देखने को मिल जायेंगे

बाज़ार पता
मनक चौक अमर सागर पोल, जैसलमेर
पंसारी बाजार डिब्बा पारा, अमर सागर पोल
भाटिया बाज़ार मेन मार्केट, जैसलमेर
सदर बाजार सदर बाजार

जैसलमेर में घूमने कब जाये? (Best Time)

हम सभी जानते है कि राजस्थान भारत के सबसे अधिक गर्म रहने वाले प्रदेशो में से एक है। जैसलमेर राजस्थान के एक ऐसे हिस्से में पड़ता है जहाँ पर बहुत अधिक गर्मी पड़ती है। वैसे गर्मी में राजस्थान के पर्यटन स्थल घूमने का एक अलग ही मजा है।

यदि आप गर्मी में घूमने का लुत्फ़ नहीं उठाना चाहते है तो मैं आपसे अनुरोध करूँगा कि आप मई से जुलाई के महीने के बीच यहाँ आने से बचे। सितम्बर महीने से मार्च तक के बीच का तापमान यहाँ ठंडा रहता हैं।

यदि आप सर्दियों में जैसलमेर घूमने आ रहे है तो गर्म कपडे अवश्य लाये क्योंकि सर्दियों की रात में यहाँ के रेगिस्तान की रेत बहुत अधिक ठंडी हो जाती है जिस कारण रात्रि में बहुत अधिक ठण्ड पड़ती है।

जैसलमेर कैसे पहुँचे? (How to Reach)

जैसलमेर शहर पुरे भारत में ही नहीं अपितु संसार भर में अपनी भव्यता के लिए जाना जाता है। इतनी प्रसिद्धि के कारण ही यह भारत के बड़े शहरों से भली प्रकार से जुड़ा है। आइये जानते है आप जैसलमेर कैसे शुगामता से पहुँच सकते है –

सड़क मार्ग द्वारा –

जैसलमेर भलीभांति भारत के बड़े राष्ट्रीय मार्गो एवं राजमार्गो से जुड़ा है। आप राजस्थान एवं दुसरे प्रदेशो के बड़े नगरो जैसे जयपुर, बीकानेर, जोधपुर, अहमदाबाद, माउंट आबू तथा बारमेर आदि से सरकारी बसे या प्राइवेट बाद से यात्रा करके यहाँ आसानी से पहुँच सकते है।

रेल मार्ग द्वारा –

यदि आप रेल की यात्रा पसंद करते है तो जैसलमेर जाना आपके लिए बहुत ही शुगम सफ़र हो सकता है। जयपुर, दिल्ली, जोधपुर आदि बड़े नगरो सी आपको सीधे जैसलमेर के लिए ट्रेन मिल जाएगी।

वायु मार्ग द्वारा –

यदि आप हवाई जहाज से जैसलमेर आने की सोच रहे है तो यहाँ आपको निराशा हाथ लग सकती है। जैसलमेर में कोई भी एयरपोर्ट नहीं है जिस कारण आप सीधे तो हवाई यात्रा करके यहाँ नहीं पहुँच सकते। लेकिन जोधपुर का हवाई अड्डा जो जैसलमेर से लगभग 280 किमी० दूर है वहां से यहाँ आया जा सकता है। आप एयर प्लेन से जोधपुर आ सकते है एवं यहाँ से बस लेकर जैसलमेर बड़ी हीई आसानी से 4-5 घंरो में पहुँच सकते है।

FAQ (जैसलमेर के बारे में दिलचस्प सवाल–जबाब)

जैसलमेर में घूमने के लिए कौन कौन सी जगह है?

जैसलमेर में बड़ा बाग, नाथमल हवेली, व्यास छतरी, जैन मंदिर, किले आदि कई खूबसूरत देखने की जगह है।

जैसलमेर में क्या प्रसिद्ध है?

जैसलमेर में मंदिर, किले, झीले, ऊँट की सवारी एवं यहाँ के स्वादिष्ठ व्यंजन पुरे भारत में विख्यात है।

जैसलमेर घूमने के लिए कितने दिन चाहिए?

यदि आप जैसलमेर की हर प्रसिद्ध चीज का लुत्फ़ उठाना चाहते है तो आपको 5 से 6 दिन के लिए यहाँ आने की योजना बनानी चाहिए।

आज हमने क्या जाना?

आज हमने इस ब्लॉग में जैसलमेर में घुमने की जगह (Jaisalmer Tourist Places in Hindi) के बारे में विस्तार से जाना। हमने जैसलमेर के खूबसूरत पर्यटन स्थल, Places to Visit in Jaisalmer in Hindi, Tourist Places of Jaisalmer in Hindi आदि के बारे में बात की। उम्मीद करते है आपको यह लेख बेहद पसंद आया होगा।

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