मथुरा में 11 सुन्दर घूमने की जगह | Mathura Tourist Places in Hindi

मथुरा में घूमने की जगह (Mathura Tourist Places in Hindi) मथुरा कब जाए, कैसे घूमे, क्या प्रसिद्ध है (When to Visit Mathura, Time, Mathura Tourist Visiting Places in Hindi)

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मथुरा में घूमने की जगह – Mathura Tourist Places in Hindi

ऐसा भला हिंदुस्तान में कौन व्यक्ति होगा जिसने मथुरा जैसे धर्म से जुड़े शहर का नाम नहीं सुना होगा। मथुरा भारत के उत्तर प्रदेश राज्य का एक बहुत ही खूबसूरत नगर है। मथुरा के मंदिर, यहाँ की होली पुरे देश में ही नहीं अपितु पुरे विश्व भर में प्रसिद्ध है। यदि आप बेहद ही आकर्षक मंदिर, किले, सुन्दर जगह देखना पसंद करते है तो इस धार्मिक नगरी मथुरा में जीवन में एक बात अवश्य आये। तो आज हम बात करने वाले है मथुरा में घूमने की जगह (Mathura Tourist Places in Hindi) एवं प्रसिद्ध पर्यटन स्थलों के बारे में –

मथुरा का इतिहास (History of Mathura in Hindi)

मथुरा भारतवर्ष की एक बहुत ही पुरानी नगरी है इसका इतिहास 7 हजार वर्ष से भी पुराना है। श्री वाल्मीकि द्वारा रचित रामायण में मथुरा को मधुपुर या मधुमानव के नाम से संबोधित किया गया है। क्योंकि हिन्दू धर्म में अति पूजनीय भगवन श्री कृष्ण का जन्म यहाँ हुआ था इसलिए इसे कृष्ण जन्म भूमि के नाम से भी जाना जाता है।

20 वी तथा 21 वी सदी में हुई खुदाई के साक्ष्यों के अनुसार भी इस नगरी को वैदिक काल से जुड़ा हुआ माना जाता है। जाट राजा हठी सिंह सौंख की मुगलों से लड़ाई करके मथुरा को सुरक्षित रखने के साक्ष्य भी खुदाई में प्राप्त हुए है। मुगलों ने यहाँ के एक क्षेत्र वृंदावन का नाम बदलकर मोहम्मदपुर कर दिया था जिसे बाद में जाट राजा हठी सिंह ने फिर से वृन्दावन कर दिया था।

मथुरा के बारे में संक्षेप में जानकारी (Brief Information)

मथुरा भारत के उत्तर प्रदेश राज्य का एक जिला एवं नजर है जो यमुना नदी के किनारे वसा है। मथुरा को भारत की प्राचीन नगरी एवं संस्कृतिक नगरी के रूप में पुरे विश्व भर में जाना जाता है। यह शहर श्री कृष्ण, स्वामी हरिदास, स्वामी दयानंद जैसे महा पुरुषों एवं हठी सिंह जैसे महान राजाओ से जुड़ा है। मथुरा नगर की जनसँख्या लगभग 6 लाख तथा मथुरा जिले की जनसंख्या लगभग 30 लाख है।

पर्यटन नगर मथुरा
राज्य उत्तर प्रदेश
मथुरा शहर का क्षेत्रफल 39 वर्ग किमी०
मथुरा जिले का क्षेत्रफल 3709 वर्ग किमी०
आधिकारिक भाषा हिंदी
क्षेत्रीय भाषा ब्रज (कुल 2 % लोगो द्वारा बोली जाती है)
प्रमुख धर्म हिन्दू
स्थापना 7000 वर्ष पूर्व
क्यों प्रसिद्ध हैं?कृष्ण जन्मभूमि होने के कारण

मथुरा के पर्यटन स्थलों की सूची (List of Mathura Tourist Places in Hindi)

मथुरा में कई पर्यटन स्थल है जिन्हें देखने दुनिया भर से लोग आते है। आइये जानते है मथुरा के कुछ बेहद ही आकर्षक पर्यटन स्थलों के बारे में –

1. गोवर्धन पर्वत

यदि आप मथुरा घूमने जाने की सोच रहे है तो आपको गोवर्धन पर्वत को अपने घूमने की लिस्ट में अवश्य शामिल करना चाहिए। गोवर्धन पर्वत मथुरा जिले के वृन्दावन शहर से लगभग 21 किलोमीटर की दूरी पर है। रेतीले पत्थर से बना यह पहाड़ 38 किलोमीटर लम्बा है तथा इसकी ऊचाई 80 फीट के आसपास है।

गोवर्धन पर्वत सीधे तौर पर भगवान कृष्ण से जुड़ा है। कहा जाता है कि मथुरा में भयंकर बारिश हो रही थी यह बारिश इतनी भयंकर थी कि कोई भी इसके सामने टिक नहीं पा रहा था। तब कृष्ण भगवान ने मथुरा को बचाने के लिए इस पर्वत को अपनी उँगली पर उठाया था। यहाँ पर आने वाले अधिकतर लोग इस पर्वत का 23 किलोमीटर का पैदल चक्कर काटते है ऐसा करना बहुत शुभ माना जाता है। गोवर्धन पर्वत की पैदल चक्कर काटने की क्रिया को गोवर्धन प्रक्रिया के नाम से जाना जाता है।

प्रक्रिया का समय – प्रातः काल से सायं काल तक

घूमने में लगने वाला समय – लगभग 2 घंटे

2. कृष्ण जन्मभूमि मंदिर

माना जाता है कि कृष्ण के मामा कंश से उनके परिवार को काराग्रह में बंदी बना कर रखा हुआ था। काराग्रह में ही माता देवकी को भगवान कृष्ण का जन्म हुआ था। जहाँ पर यह काराग्रह बना हुआ था उसी स्थान पर यह मंदिर बना हुआ है इसलिए इस कृष्ण जन्मस्थान मंदिर के नाम से जाना जाता है।

इस मंदिर को कई बार आक्रमणकारियों द्वारा तोड़ा गया जिसे बाद में बिजनेसमैन एवं आस-पास के लोगो द्वारा पुनः सृजित किया गया। अगर आप इस भव्य मंदिर को देखने की सोच रहे है तो त्योहारों के समय पर घूमने बहुत ही रुचिकर होगा क्योंकि तब यह बहुत ही सुन्दर लगता है।

कब घूमना चाहिए? – जन्माष्ठमी, होली, दीवाली, बसंत पंचमी जैसे त्योहारों पर इस मंदिर की रौनक अलग ही होती है।

घूमने में लगने वाला समय – 1 से 2 घंटे

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3. कुसुम सरोवर

कुसुम सरोवर महलनुमा बलुआ पत्थर की ईमारत से घिरा एक बेहद ही खूबसूरत जलाशय है। यह गोवर्धन पर्वत एवं राधा कुंड के मध्य में ही पड़ता है। इस जलाशय में जाने के लिए सीढ़ियाँ बनी हुई है जिनसे कोई भी आराम से पानी में उतर सकता है। श्री कृष्ण एवं राधा जी के समय के बने इस तालाब के हर पानी में आप नहाने का आनंद उठा सकते है।

माना जाता है कि राधा जी की एक नौकरानी थी जिनका नाम कुसुम था जो राधा जी को बहुत ही प्रिय थी। कुसुम के नाम पर ही इस सरोवर का नाम कुसुम सरोवर पड़ा। यह भी कहा जाता है कि कृष्ण इस सरोवर से फूल तोड़ा करते थे तथा फूलों से माला बनाकर राधा को देते है। इस सरोवर में आपको चमेली, यूथी, बेली तथा मल्लिका आदि खूबसूरत फूल देखने को मिलेंगे।

खुलने का समय – सुबह 6 बजे से शाम 6 बजे तक

प्रवेश शुल्क – निशुल्क

4. कंस किला

यमुना नदी के किनारे पर बसा यह लाल बलुआ पत्थरो से बना यह किला पुरे मथुरा में बहुत ही प्रसिद्ध है। इस किले का नाम कंस किला भगवान कृष्ण के मामा राजा कंस के नाम पर रखा गया है। कंस किले को देखने दुनिया भर से लोग आते है जो इसकी हिन्दू-मुस्लिम संस्कृति बनावट को देखकर मंत्रमुग्ध हो जाते है।

यदि आप कंस किले को देखने जा रहे है तो यहाँ एक बात ध्यान में रखने की है कि यह किला बहुत अच्छी हालत में नहीं है। किसी भी सरकार की तरफ से इस किले की मरमत्त के लिए कोई विशेष कार्यवाही नहीं की गयी। फिर भी यहाँ देखने के लिए अब भी भी बहुत कुछ है जो आपको पसंद आएगा।

घूमने में लगने वाला समय – 1 से 2 घंटे

प्रवेश शुल्क – निशुल्क

5. राधा कुंड

राधा कुंड मथुरा के छोटे से शहर वृन्दावन में स्थित है। यदि आप वृन्दावन में गोवर्धन पर्वत देखने जा रहे है तो आपको इस कुंड को देखने अवश्य जाना चाहिए। कहा जाता है इस कुंड का जल बहुत ही दैवीय है। इस कुंड के पानी में रोगों को ठीक करने की, आत्मा को शुद्ध करने की शक्ति है। इसी मान्यता के कारण पुरे भारत से लोग इस कुंड का भ्रमण करने के लिए आते है।

राधा कुंड को कृष्ण काल का बताया जाता है तथा इसे राधा एवं कृष्ण के प्यार के प्रतीक के रूप में भी देखा जाता है। यदि आप मथुरा जा रहे है तो गोवर्धन पर्वत से कुछ दुरी पर स्थित इस तीर्थ स्थान को देखने अवश्य आये।

घूमने में लगने वाला समय – लगभग 2 घंटे

प्रवेश शुल्क – निशुल्क

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6. बिरला (गीता) मंदिर

मथुरा के बिरला मंदिर को गीता मंदिर के नाम से भी जाना जाता है। यह मंदिर हिन्दुओ का एक बहुत ही प्रसिद्ध तीर्थ स्थल है। यह मंदिर भगवान कृष्ण को समर्पित है यहाँ पुरे देश से साल भर श्रद्धालु आते रहते है। इस मंदिर की मंत्रमुग्ध कर देने वाली वास्तुकला है जो इसकी उत्कृष्ट नक्काशी और चित्रों को गर्व के साथ दिखाती है।

इस भव्य मंदिर का निर्माण जुगल किशोर बिरला ने अपने माता-पिता की याद में बनाया था। इस मंदिर की सबसे विचित्र बात यह है कि मंदिर के स्तंभों पर पूरी श्रीमद भगवद गिरा को उकेरा गया है। लाल बलुआ पत्थरो से बना यह मंदिर दिखे में बहुत ही सुन्दर लगता है इसकी मार्वल ही दीवारों पर भगवन की मूर्तियाँ बनी है जो देखने में बेहद ही आकर्षक लगती है।

घूमने में लगने वाला समय – 2 घंटे

प्रवेश शुल्क – निशुल्क

मंदिर खुलने का समय –

  • सुबह 5 बजे से दोपहर 12 बजे एवं दोपहर 2 बजे से शाम 8 बजे तक (गर्मियों में)
  • सुबह 5:30 से दोपहर 12 बजे तक एवं 2 बजे से रात 8:30 बजे तक (सर्दियों में)

7. द्वारकाधीश मंदिर

यह मथुरा में बना एक ऐसा मंदिर है जो पुरे भारत में ही नहीं अपितु पुरे संसार में प्रसिद्ध है। इस मंदिर की वस्तुकल एवं भव्यता इसे अन्य सभी मंदिरों से भिन्न बनाती है। आपने भगवान कृष्ण की मूर्ति को हमेशा मोर पंख के साथ एवं उनकी बाँसुरी के साथ ही देखा होगा लेकिन यह एक ऐसा मंदिर है जिसमे ये दोनों नहीं है।

भगवान कृष्ण की चमकदार काले संगमरमर की मूर्ति को द्वारका नगरी के राजा या द्वारकानाथ के रूप में चित्रित किया है। सन 1814 मे बने इस मंदिर की छतों पर आपको जीवन के भिभिन्न पहलुओं के बारे में डिजाईन एवं राजस्थानी वास्तुकला का शानदार नमूना देखने को मिलता है।

यह मंदिर अभी वैष्णव संप्रदाय के अनुयायो द्वारा संचालित किया जाता है। श्रावण माह में भगवान कृष्ण की मूर्ति को एक झूले के अन्दर रखा जाता है। हिन्दुओ के मुख्य पर्वो पर यहाँ पर कई आयोजन किये जाते है जिन्हें देखने अच्छी-खासी भीड़ जमा होती है

मंदिर आने का समय –
• सुबह 6:30 से 10:30 एवं अपराहन 4 बजे से रात्रि 7 बजे तक (गर्मियों में)
• सुबह 6:30 से 10:30 एवं अपराहन 3:30 से रात्रि 7 बजे तक (सर्दियों में)

पता – राजा धीरज बाजार रोड, मथुरा

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8. मथुरा संग्रहालय

मथुरा संग्रहालय जिसे सरकारी संग्रहालय के नाम से भी जाना जाता है यह मथुरा की एक बहुत ही प्रसिद्ध जगह है। 1874 में बने इस पर्यटन स्थल को देखने दुनियाभर से लोग आते है यह स्थल ना केवल पर्यटकों बल्कि इतिहास प्रेमियों के बीच भी बहुत विख्यात है। सर एफएस ग्रोसे द्वारा 1874 में स्थापित, मथुरा का यह संग्रहालय तीसरी शताब्दी ईसा पूर्व से 12 वीं शताब्दी ईस्वी तक की मथुरा स्कूल की प्राचीन मूर्तियों को रखने के लिए प्रसिद्ध है।

मथुरा संग्रहालय में आपको प्राचीन मूर्तियाँ, सिक्के, मिट्टी के बर्तन, पेंटिंग तथा कई अन्य इतिहास से जुड़ी चीजे देखने को मिलती है। यदि इस म्यूजियम के निर्माण की बात करे तो इसे बनाने में लाल बलुआ पत्थरों का उपयोग किया गया है जो इसे इतिहासिक बनाने में मदद करते है।

प्रवेश शुल्क – 10 रूपये मात्र

संग्रहालय खुलने का समय – सुबह 10:30 बजे से शाम 4:30 बजे तक (हर सोमवार तथा सरकारी छुट्टियो पर बंद रहता है)

घूमने में लगने वाला समय – 1 से 2 घंटे

पता – म्यूजियम रोड, दम्पिएर नगर, मथुरा

9. विश्राम घाट

विश्राम घाट को मथुरा के एक बहुत ही पावन स्थल के रूप में देखा जाता है। यह घाट इतना प्रसिद्ध है कि मथुरा में घूमने के लिए स्थलों के बारे में पूछने पर लोग आपको इस स्थल को अवश्य घूमने के लिए कहेंगे। माना जाता है कि भगवान कृष्ण ने अपने मामा कंस का वध करने के बाद इस घाट पर विश्राम किया था इसलिए ही इस घाट को विश्राम घाट के नाम से जाना जाता है।

श्रद्धालु इस घाट की परिक्रमा करते है तथा भगवान से स्वस्थ एवं सम्रद्ध जीवन की कामना करते है। भाईदूज के त्यौहार पर विश्राम घाट पर आपको बहुत भीज देखने को मिलेगी क्योंकि इस दिन लोग घाट के पानी में पावन डुबकी लगाते है। संग्रमरमर के पत्थरों से निर्मित इस घाट के आस-पर सुन्दर मंदिरों के अभूतपूर्व द्रश्य है जो इस बहुत की आकर्षक बनाता है।

विश्राम घाट पर नाव की सवारी का भी आनंद लिया जा सकता है। संध्या में आरती के समय आपको यहाँ यमुना में तेल के छोटे दीपक पानी में तैरते दिख जायेंगे जो बहुत ही आकर्षक नजर आते है।

आरती का समय –
• प्रात: 4:30 बजे तथा रात्रि 7:30 बजे (गर्मियों में)
• प्रात: 5:00 बजे तथा रात्रि 7:00 बजे (सर्दियों में)

घूमने में लगने वाला समय – लगभग 1 घंटा

पता – विश्राम बाजार, मथुरा

10. डॉलफिन वाटर वर्ल्ड

यदि आप मथुरा के भव्य मंदिरों, संग्रहालयों तथा अन्य पर्यटन स्थलों के आलावा भी कुछ लुत्फ़ उठाना चाहते है तो डोल्फिन वाटर वर्ल्ड आपके लिए सबसे अच्छा चुनाव हो सकता है। आप इस पानी के संसार में अपने परिवार के साथ जा सकते है एवं जमकर आनंद उठा सकते है।

इस पर्यटक स्थल की शुरुआत 2002 में हुई थी तभी से यह मथुरा आने वाले लोगो के लिए आनंद का केंद्र बना रहता है। यहाँ पर बच्चो के खेलने के लिए स्थान, परिवारों के लिए अपना सामान रखने के लिए लॉकर रूप है। बच्चो के साथ-साथ यहाँ बड़े भी कई पानी में होने वाली गतिविधियों का लुत्फ़ उठा सकते है।

घूमने में लगने वाला समय – 2 से 3 घंटे

पता – राष्ट्रीय राजमार्ग-2, मथुरा रोड, लोहामंडी, रुनकता

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11. प्रेम मंदिर

मथुरा घूमने जा रहे हो तथा प्रेम मंदिर जाने की बात न हो तो ऐसा करना खुद से नाइंसाफी करना होगा। लगभग 54 एकड़ की जमीन में फैला यह मंदिर अपनी भव्यता एवं विशालता के लिए पुरे भारत में धीरे-धीरे प्रसिद्ध हो रहा हैं। पेम मंदिर का निर्माण 21वी शताब्दी की शुरुआत में किये गया तथा इसे आम लोगो के लिए 2012 में खोला गया।

प्रेम मंदिर में राधा-कृष्ण एवं राम-सीता की पूजा की जाती है। मथुरा आने वाले पर्यटकों के लिए हाल ही में यह मंदिर एक प्रमुख पर्यटन स्थल बन गया है। इटालियन सफेद संगमरमर से बना, 125 फीट ऊंचा मंदिर भगवान कृष्ण की विस्तृत नक्काशी और मूर्तियों से सुशोभित है। रात्रि के समय इस मंदिर के दर्शन करें और रंग-बिरंगी रोशनी से जगमगाते इसके शानदार नजारे को देखकर आप मंत्रमुग्ध हो जाएंगे। आप हर शाम होने वाले म्यूजिकल फाउंटेन शो का भी आनंद ले सकते हैं।

मंदिर खुलने का समय – प्रात: 5.00 बजे से दोपहर 12 बजे एवं शाम 4.00 बजे से रात्रि 8.00 बजे तक

म्यूजिकल फाउंटेन शो – हर रात्रि 7.00 बजे

घूमने में लगने वाला समय – 1 से 2 घंटे

मथुरा के कुछ प्रमुख मंदिरो की सूची (List of Mathura Temples in Hindi)

मथुरा में कई खूबसूरत एवं प्राचीन मंदिर है जो इस शहर को बहुत धार्मिक स्थान का दर्जा देते है. कुछ प्रसिद्ध मंदिर इस प्रकार है –

मंदिर पता
राधा वल्लभ मंदिर वृन्दावन
वैष्णो देवी धाम माधवपूरी, मथुरा – 281004
श्री रंगजी मंदिर रंगनाथ मंदिर, गोदा विहार, वृन्दावन, मथुरा – 2811211
भूटेश्वर महादेव मंदिर भूटेश्वर, मथुरा – 281001
चामुंडा देवी पोश कॉलोनी, वृन्दावन – 281121
दौजी मंदिरमंडी रामदास रोड, मथुरा
इस्कॉन मंदिर भक्तिवेदांत स्वामी मार्ग, रमन रीति, वृंदावन

मथुरा के प्रमुख बाजार (Markets of Mathura in Hindi)

यदि आप मथुरा के प्रमुख पर्यटन स्थल देख चुके है तो अब बारी है यहाँ के बेहद ही सुन्दर बाजारों को देखने की। बिना मथुरा के बाजारों को देखे मथुरा से चले जाना ऐसा ही है जैसे समुन्द्र के जाल को छुए बिना किनारे से लौट आना। मथुरा के बाजार इस शहर की शान है यहाँ मिलने वाली वस्तुएँ शायद ही आपको कही मिले।

बाज़ार क्या ख़रीदे या देखे?पता
तिलक द्वार बाजारधार्मिक वस्तुएँ, पेंटिंग, हस्तशिल्पतिलक द्वार मथुरा
छत्ता बाजारकपड़े, घर की सज्जा के लिए चीजे, मिठाईछत्ता बाजार, चौबे पारा
लाल बाजारहाथ से बनी सुन्दर वस्तुएँ, मूर्तियाँ, लकड़ी की चीजेलाल बाजार, मथुरा
हाईवे प्लाजाशौपिंग मॉल, भिभिन्न व्यंजनों की दुकानेगोवर्धन क्रासिंग, दिल्ली-आगरा, राष्ट्रीय-राजमार्ग 2
कृष्ण नगर बाजारसंगीत स्टोर, टैटू पार्लर, कपड़ो के बड़े ब्रांडकृष्णा नगर

मथुरा कब जाना चाहिए? (When to Visit Mathura)

किसी भी पर्यटन स्थल घूमने के एक विशेष समय होता हो जो उसे उस मौसम में अधिक आकर्षक बनाता है। लेकिन मथुरा के साथ ऐसा नहीं है, मथुरा में आप सर्दी या गर्मी कभी भी जा सकते है। यहाँ के मुख्य पर्यटन स्थल जैसे मंदिर, संग्रहालय, किले आदि की सोभा हर मौसम में एक सी ही रहती है।

यदि आप अपनी मथुरा की ट्रिप को कुछ अधिक ही रोमांचकारी बनाने की सोच रहे है तो आपको त्योहारों पर इस नगर को घूमने आना चाहिए। कृष्ण जन्माष्ठमी पर यह शहर कुछ अलग ही अनुभूति देता है तो यहाँ पर मनाई दीवाली आप कभी भूल ही नहीं पाएंगे। मथुरा की होली जिसे लठमार होली के नाम से जाना जाता है, मथुरा जिले के छोटे से नगर वरसाना में मनाई जाती है। आपको वरसाना की लठमार होली जीवन में एक बार अवश्य देखनी चाहिय।

मथुरा गर्मियों में काफी गर्म रहता है इसलिए थोड़े सर्द मौसम में यहाँ आना आपके आनंद को बढ़ा सकता है।

मथुरा कैसे पहुँचे? (How to Reach Mathura)

मथुरा उत्तर प्रदेश राज्य का एक बहुत ही प्रसिद्ध नगर है जिसे देश-भर में लोग जानते है। इसलिए आपको यहाँ आने में किसी भी प्रकार की कठिनाई नहीं होने वाली। यह शहर देश के भिभिन्न क्षेत्रों से हवाई, रेल मार्ग तथा सड़क मार्ग द्वारा जुड़ा है। आइये जाने है आप आसानी से मथुरा कैसे पहुँच सकते है –

i. रेल मार्ग द्वारा

मथुरा का रेलवे स्टेशन एक बहुत ही बड़ा रेलवे स्टेशन है जहाँ पर देश भर के बड़े शहरों से आती-जाती रेल गाड़ियाँ गुजरती है। मथुरा शहर के लिए मुंबई, लखनऊ, वाराणसी, दिल्ली, कोलकत्ता, ग्वालियर, भोपाल, इंदौर, अलवर, भरतपुर तथा आगरा आदि शहरों से ट्रेन ली जा सकती है।

ii. वायु मार्ग द्वारा

यदि आप मथुरा हवाई यात्रा करके जाने चाहते है तो आपके लिए दिल्ली का एअरपोर्ट सबसे बेहतरीन विकल्प होगा। मथुरा के सबसे करीब आगरा एयरपोर्ट है जहाँ से भी यहाँ आसानी से पहुंचा जा सकता हैं लेकिन यहाँ से बहुत ही कम हवाईजहाजों का आना-जाना होता है। देश के किसी दूर के शहर के लोग दिल्ली के इंदिरा गाँधी एअरपोर्ट के लिए यात्रा कर सकते हैं तथा यहाँ से बस, टैक्सी या रेल द्वारा शुगामता से मथुरा पहुँच सकते है।

iii. सड़क मार्ग द्वारा

सड़क मार्ग से मथुरा आना बहुत ही शुगम है यह शहर भिभिन्न सड़क मार्गो द्वारा देश भर के बड़े नगरो एवं महानगरो से जुड़ा है। मथुरा से दिल्ली, आगरा, मुरादाबाद, जयपुर, बीकानेर, कोलकत्ता, आदि बड़े शहरों तक एक अच्छा रेल मार्ग के नेटवर्क बना है। मथुरा आने के लिए दिल्ली,आगरा, अलवर, हरिद्वार, इंदौर, भोपाल, उदयपुर, अलीगढ, जयपुर, चंडीगढ़ आदि नगरो से सीधे प्राइवेट बसे भी चलती है।

FAQ (सवाल-जबाब)

सवाल – मथुरा में क्या क्या चीज देखने लायक है?

जबाब – मथुरा में बहुत ही प्राचीन एवं खूबसूरत मंदिर है। मंदिरों के साथ-साथ यहाँ पर कई अन्य पर्यटन स्थल भी है। यहाँ के बाजार एवं पर्वो को मनाने का तरीका भी देखने लायक है।

सवाल – मथुरा का सबसे प्रसिद्ध मंदिर कौन सा है?

जबाब – मथुरा में कई महत्वपूर्ण मंदिर है जिनमे से द्वारकाधीश मंदिर, बिरला मंदिर, प्रेम मंदिर, तथा कृष्णजन्भूमि मंदिर विश्वविख्यात है।

सवाल – मथुरा में कैसे घूमे?

जबाब – मथुरा आने के लिए आप देश के किसी भी बड़े शहर से सीधे यहाँ के मथुरा रेलवे स्टेशन पहुँच सकते है। मथुरा में घूमने के लिए आप सरकारी बसों या किराये पर टैक्सी का सहारा ले सकते है।

आज हमने क्या जाना?

आज हमने मथुरा में घूमने की जगह (Mathura Tourist Places in Hindi) के बारे में जाना। मथुरा के पर्यटन स्थल बहुत ही आकर्षित करने वाले है। यहाँ के मंदिरों एवं अन्य पर्यटन स्थलों को देखने हर वर्ष लाखो लोग आते है। मथुरा में बड़ी तादाद में धार्मिक लोग आते है जो इस स्थान को एक दैवीय तीर्थ के रूप में देखते है। आशा करते है कि आपको मथुरा के प्रसिद्ध पर्यटन स्थल की यह पोस्ट अवश्य पसंद आई होगी।

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