ओपन सोर्स सॉफ्टवेयर क्या है, इसके फायदे व नुकसान | Open Source Software in Hindi

ओपन सोर्स सॉफ्टवेयर क्या है (Open Source Software in Hindi), ओपन सोर्स सॉफ्टवेयर के फायदे और नुकसान (Open Source Software Benefits, Fayde, Nuksan in Hindi), ओपन सोर्स सॉफ्टवेयर लिस्ट (Open Source Operating System List in hindi )

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ओपन सोर्स सॉफ्टवेयर क्या है – Open Source Software in Hindi

आज हम एक ऐसे विषय के बारे में बात करेंगे जिसके बारे में ज्यादा लोग नहीं जानते कंप्यूटर और मोबाइल में हम जो भी कार्य करते हैं वह सभी हम अलग-अलग सॉफ्टवेयर की मदद से कर पाते हैं यह सॉफ्टवेयर प्रोग्राम द्वारा लिखे और विकसित किए जाते हैं अगर आप कंप्यूटर स्टूडेंट हैं या फिर आपने कंप्यूटर से संबंधित कोर्स किया है तो आपने Open Source Software के बारे में जरूर सुना होगा ।

अगर आप कंप्यूटर की दुनिया से जुड़े इस महत्वपूर्ण टर्म के बारे में नहीं जानते तो फिर आपकी इस परेशानी का हल हम आज के इस आर्टिकल में लेकर आने वाले हैं जी हां आज के इस आर्टिकल में हम आपको open source software से जुड़ी सारी जानकारियां आपके साथ शेयर करेंगे जिसमें आज के इस आर्टिकल में आप जानेंगे कि ओपन सोर्स सॉफ्टवेयर क्या है तथा ओपन सोर्स सॉफ्टवेयर के फायदे और नुकसान क्या है?

Table of Contents

ओपन सोर्स सॉफ्टवेयर क्या है – Open Source Software in Hindi

ओपन सोर्स सॉफ्टवेयर इस प्रकार के सॉफ्टवेयर होते हैं जो सार्वजनिक तौर पर सभी के लिए उपलब्ध होते हैं कोई भी व्यक्ति इन सॉफ्टवेयर को डाउनलोड कर सकता है और इसमें कुछ जोड़ सकता है और कुछ हटा भी सकता है मतलब अपने अनुसार मोडीफाई कर सकता है ओपन सोर्स सॉफ्टवेयर का सोर्स कोड और लाइसेंस दोनों डेवलपर द्वारा फ्री में उपलब्ध कराए जाते हैं। अधिकतर हम जितने भी फ्री सॉफ्टवेयर तथा एप्लीकेशन डाउनलोड करते हैं वह ओपन सोर्स सॉफ्टवेयर या मुक्त स्रोत सॉफ्टवेयर ही होते हैं।

ओपन सोर्स सॉफ्टवेयर का सोर्स कोड Viewable एंड changeable होता है। जिन सॉफ्टवेयरों को मुफ्त में डाउनलोड नहीं किया जा सकता और उनके सोर्स कोड में परिवर्तन नहीं किया जा सकता वह सॉफ्टवेयर क्लोज्ड सोर्स सॉफ्टवेयर या प्रोपराइटरी सॉफ्टवेयर कहलाते हैं।

सोर्स कोड किसी भी सॉफ्टवेयर एप्लीकेशन पर सामान्य रूप से नहीं दिखते। क्योंकि सोर्स कोड एक प्रकार के कंप्यूटर प्रोग्रामिंग होती है यानी मशीन लैंग्वेज होती है जिसकी वजह से ही आप उस एप्लीकेशन में विभिन्न प्रकार की गतिविधियों को कर पाते हैं। सोर्स कोड के अंदर उस सॉफ्टवेयर को चलाने के लिए इंस्ट्रक्शंस दिए जाते हैं जिस पर वह सॉफ्टवेयर काम करता है। उम्मीद है अब आपको भलीभांति पता चल गया होगा कि ओपन सोर्स सॉफ्टवेयर क्या है।

ओपन सोर्स सॉफ्टवेयर कैसे काम करता है – Working Process of Open Source Software in Hindi

सामान्यतः ओपन सोर्स सॉफ्टवेयर और क्लोज्ड सोर्स सॉफ्टवेयर दिखने में एक जैसे होते हैं और ओपन सोर्स सॉफ्टवेयर काफी हद तक क्लोज सोर्स सॉफ्टवेयर की तरह ही कार्य भी करते हैं। लेकिन अगर हम इसे डेवलपर्स की तरह देखें तो ओपन सोर्स सॉफ्टवेयर और क्लोज सोर्स सॉफ्टवेयर के बीच कुछ अंतर होते हैं जो इन्हें भिन्न बनाते हैं-

ओपन सोर्स सॉफ्टवेयर का फायदा यह होता है कि इसके सोर्स कोड फ्री में उपलब्ध होते हैं। जिसकी वजह से कोई भी दूसरा डेवलपर दुनिया में कहीं पर भी रहकर उस सोर्स कोड को देखकर उसमें परिवर्तन करके उसे और अच्छा बना सकता है या सुझाव दे सकता है। इस प्रकार जब पूरी दुनिया के डेवलपर्स किसी एक सॉफ्टवेयर पर काम करते हैं, तो उसका विकास तेजी से होता है और वह एक अच्छे सॉफ्टवेयर के रूप में उभरता है।

ओपन सोर्स सॉफ्टवेयर से ही नए नए सॉफ्टवेयर का निर्माण होता है नए-नए डेवलपर्स ओपन सोर्स सॉफ्टवेयर की मदद से ही प्रोग्रामिंग को अप्लाई कर पाते हैं और अनुभव प्राप्त करते हैं। यदि कोई डेवलपर चाहे तो ओपन सोर्स सॉफ्टवेयर के सोर्स कोड को अपने अनुसार मॉडिफाई करके उसे बिल्कुल पहले से अलग बना सकता है।

ओपन सोर्स सॉफ्टवेयर और क्लोज सोर्स सॉफ्टवेयर में असमानताएं – Difference b/w Open and Closed Source Software in Hindi

ओपन सोर्स सॉफ्टवेयर और क्लोज सोर्स सॉफ्टवेयर लगभग एक जैसे ही होते हैं लेकिन ओपन सोर्स सॉफ्टवेयर और क्लोज्ड सोर्स सॉफ्टवेयर की अपनी अलग अलग कुछ विभिन्नता होती हैं जिसके कारण ये दोनों एक दूसरे से भिन्न होते हैं

  • ओपन सोर्स सॉफ्टवेयर के सोर्स कोड को पूरी दुनिया में कोई भी व्यक्ति या डेवलपर देख सकता है और उसे कॉपी कर सकता है या फिर उसमें कुछ मॉडिफिकेशन भी कर सकता है। ओपन सोर्स सॉफ्टवेयर का सोर्स कोड जिस डेवलपर ने बनाया है उसके द्वारा उसके सोर्स कोड के लाइसेंस के साथ उपलब्ध कराया जाता है।
  • जबकि क्लोज्ड सोर्स सॉफ्टवेयर के सोर्स कोड को कोई भी दूसरा व्यक्ति नहीं देख सकता मतलब क्लोज सोर्स सॉफ्टवेयर को केवल वही लोग देख सकते हैं जिन्होंने उस सॉफ्टवेयर को बनाया है। या फिर जिस ऑर्गनाइजेशन के लोग उस सॉफ्टवेयर के डेवलपमेंट और उसके कंट्रोल को संभालते हैं और उसमें समय-समय पर मोडिफिकेशन कर के नए वर्जन उपलब्ध कराते हैं इनके अलावा कोई अन्य व्यक्ति क्लोज सोर्स सॉफ्टवेयर के कंट्रोल को एक्सेस नहीं कर सकता, इस प्रकार के सॉफ्टवेयर को प्रोपराइटी सॉफ्टवेयर भी कहते हैं।
  • ओपन सोर्स सॉफ्टवेयर को कोई भी व्यक्ति आसानी से बिना किसी पैसे के डाउनलोड कर सकते हैं और इस्तेमाल भी कर सकते हैं। जबकि क्लोज सोर्स सॉफ्टवेयर को डाउनलोड करने के लिए या इस्तेमाल करने के लिए हमें कुछ पैसे देने होते हैं और साथ ही साथ क्लोज सोर्स सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल करने के लिए करने से पहले हमारे सामने एक एग्रीमेंट दिया जाता है जिसे स्वीकार करना होता है। उसके बाद ही हम क्लोज सॉफ्टवेयर को इस्तेमाल कर पाते हैं मतलब क्लोज सोर्स सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल करने के लिए हमें उसे परमिशन देना होता है
  • Mozilla Firefox, LibreOffice, VLC Media Player आदि ओपन सोर्स सॉफ्टवेयर हैं जिन्हें कोई भी देख सकता है और परिवर्तन कर सकता है। MS Office, Internet Explorer, Notepad, Paint आदि क्लोज्ड सॉफ्टवेयर हैं जिनमे हर कोई परिवर्तन नहीं कर सकता।
  • ओपन सोर्स सॉफ्टवेयर के डेवलपर्स उस सोर्स कोड प्रोवाइड करा देते हैं जिसमें व्यक्ति/ डेवलपर आसानी से मोडिफिकेशन कर सकता है मतलब कुछ जोड़ या हटा सकता है। जबकि क्लोज सोर्स सॉफ्टवेयर में ऐसा बिल्कुल नहीं है क्लोज सोर्स सॉफ्टवेयर में केवल इस्तेमाल करने की परमिशन दी जाती है। इसकी कोडिंग यानी मशीनी भाषा को कोई भी व्यक्ति ना तो देख सकता है और ना उसमें परिवर्तन कर सकता है।

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ओपन सोर्स सॉफ्टवेयर की लाइसेंस डिटेल – License Details

आजकल ओपन सोर्स सॉफ्टवेयर डेवलपर विभिन्न प्रकार के लाइसेंसों का प्रयोग करके सॉफ्टवेयर विकसित कर रहे हैं जिनमें से कुछ प्रमुख और प्रसिद्ध ओपन सोर्स सॉफ्टवेयर के लाइसेंस के बारे में यहाँ बता रहे हैं –

GPL/GNU – इस लाइसेंस का प्रयोग अधिकतर ओपन सोर्स सॉफ्टवेयर को बनाने में और उसकी सोर्स कोड को लिखने में किया जाता है। जैसे कि लाइनेक्स भी एक ओपन सोर्स सॉफ्टवेयर है और उसमें GNU लाइसेंस लगाया गया है इस लाइसेंस के अंतर्गत यदि कोई व्यक्ति ओपन सोर्स सॉफ्टवेयर के ओपन सोर्स कोड की मदद से कोई दूसरा सॉफ्टवेयर क्लोज सोर्स सॉफ्टवेयर बनाता है। तो इसके लिए आवश्यक है कि वह क्लोज सोर्स सॉफ्टवेयर को पब्लिकली रिलीज करने के बाद उसके सोर्स कोड को भी कम्युनिटी में रिलीज करें यदि वह नियम का पालन नहीं करता है तो उस सॉफ्टवेयर को बैन भी किया जा सकता है।

BSD – इस प्रकार के लाइसेंस डेवलपर्स के ऊपर बहुत कम दबाव डालते हैं मतलब इस प्रकार के लाइसेंस की पाबंदियां बहुत कम होती हैं इसीलिए बीएसडी लाइसेंस का उपयोग डेवलपर्स अधिक करते हैं। इसके अनुसार यदि आप किसी ओपन सोर्स सॉफ्टवेयर के सोर्स कोड की मदद से कोई दूसरा क्लोज सोर्स सॉफ्टवेयर बनाते हैं और उसका मोडिफाइड वर्जन रिलीज करता है तो उसका सोर्स कोड रिलीज करने की कोई आवश्यकता नहीं है। इसीलिए यह लाइसेंस डेवलपर्स को अधिक प्रिय होते हैं क्योंकि यह इन पर बहुत कम पाबंदियां लगाते हैं।

ओपन सोर्स सॉफ्टवेयर लिस्ट या मुक्त और खुला स्रोत सॉफ्टवेयर के उदहारण – Open Source Software List in Hindi

ऐसे बहुत से सॉफ्टवेयर हैं जिन्हें हम उपयोग करते हैं लेकिन हमे पता नहीं हैं कि ये ओपन सोर्स सॉफ्टवेयर ही हैं। इसलिए हम कुछ ओपन सोर्स सॉफ्टवेयर की लिस्ट लेकर आये हैं जिसे देखकर आप जानेंगे कि आप पहले से ही ओपन सोर्स सॉफ्टवेर प्रयोग कर रहे हैं। ओपन सोर्स ऑपरेटिंग सिस्टम लिस्ट या मुक्त और खुला स्रोत सॉफ्टवेयर के उदहारण इस प्रकार है –

1. VLC Media Player9. Blender
2. Apache OpenOffice10. Mozilla Thunderbird
3. Tor Browser11. Python
4. Mozilla Firefox12. BitTorrent
5. Audacity13. Inkspace
6. LibreOffice14. Ubuntu
7. GIMP15. jQuery
8. Joomla16. MySQL

ओपन सोर्स सॉफ्टवेयर के प्रमुख उद्देश्य – Objectives of Open Source Software in Hindi

ओपन सोर्स सॉफ्टवेयर के कई उद्देश्य है जो इन सॉफ्टवेयर को बहुत ही प्रसिद्ध बनाता हैं। आइये जानते है ओपन सोर्स सॉफ्टवेयर के प्रमुख उद्देश्य के बारे में –

I. उत्तम लचीलापन या तम्यता

ओपन सोर्स सॉफ्टवेर का प्रमुख उद्देश्य लोगो को स्वामित्व साफ्टवेयर से अधिक लाभ प्राप्त कराना है। आप ओपन सोर्स सॉफ्टवेयर के कॉड में बदलाव कर सकते है, कुछ फंक्शन जोड़ सकते हैं तथा अपनी आवश्यकता के अनुसार काम में ला सकते हैं। जबकि स्वामित्व साफ्टवेयर या क्लोज्ड सोर्स सॉफ्टवेयर में किसी फंक्शन को जोड़ने के लिए आपको पहले सॉफ्टवेयर के मालिक से बार करनी होगी एवं पैसे भी खर्च करने होंगे।

II. उपयुक्त सॉफ्टवेयर का चुनाव

ओपन सोर्स सॉफ्टवेयर का एक उद्देश्य है अपने उपयोगकर्ता को सही सॉफ्टवेयर काम में लाने की आजादी देना। यदि आपकी कोई कंपनी है तो आप भिभिन्न ऑनलाइन समुदाय द्वारा निर्मित किये गए सॉफ्टवेयर प्रयोग में ला सकते हैं। एक बार आपको वह सॉफ्टवेयर मिल जाता है जो आपकी कम्पनी के लिए सबसे उपयुक्त है आप उसे पूरी तरह काम में ला सकते हैं। आप उस सॉफ्टवेयर का निर्माण करने वाले ऑनलाइन समुदाय से भी सहयोग ले सकते हैं।

III. मुफ्त या कम लागत में लाभ प्राप्त कराना

ओपन सोर्स सॉफ्टवेयर का एक उद्देश्य उपयोगकर्ताओ को मुफ्त या कम लागत में उनके कार्य करने के लिए सॉफ्टवेर उपलब्ध कराना हैं। ओपन सोर्स सॉफ्टवेर में आपको स्वामित्व साफ्टवेयर या क्लोज सॉफ्टवेयर की तरह या अधिक फंक्शन व क्षमता मुफ्त में या निम्न लागत में मिल जाती हैं।

IV. सुरक्षा प्रदान करना

ओपन सोर्स सॉफ्टवेयर उपयोगकर्ता को इस असुरक्षित ऑनलाइन संसार में सुरक्षा प्रदान करता हैं। क्योंकि ओपन सोर्स को विकसित करने में कोई भी अपना योगदान दे सकता है तो इसलिए ये सॉफ्टवेयर अधिक विकसित बन जाते है जिनसे इनकी सुरक्षा बढ़ जाती हैं। हैकर्स के लिए इनको संचालित करना व वश में करना बहुत ही मुश्किल हो जाता हैं।

V. एक सॉफ्टवेयर से दूसरे सॉफ्टवेयर को चुनने की स्वतंत्रता

क्लोज सॉफ्टवेर को उपयोग करने की सबसे बड़ी हानि यह होती है कि इन्हें एक विशेष मालिक या कंपनी द्वारा संचालित किया जाता हैं। वह विशेष मालिक या कम्पनी उस सॉफ्टवेयर को चलाने की आपसे कभी भी अधिक कीमत माँग सकती है या ऐसे बदलाव कर सकती है जो आपके अनुकूल न हो। ऐसे में आप किसी दूसरे सॉफ्टवेयर को प्रयोग करने के लिए नहीं जा सकते क्योंकि अपने पहले ही एक सॉफ्टवेयर को खरीदने व चलाने के लिए अच्छी-खासी कीमत दी हैं।

जबकि ओपन सोर्स सॉफ्टवेयर का उद्देश्य अपने यूजर्स को कोई भी अन्य सॉफ्टवेयर चुनने की स्वतंत्रता प्राप्त कराना हैं। यदि एक ओपन सोर्स सॉफ्टवेयर आपने अनुसार कार्य नहीं कर रहा तो आप शुगमता से किसी दूसरे सॉफ्टवेयर को इस्तेमाल करना शुरू कर सकते हैं। चूँकि आप इस सॉफ्टवेयर को मुफ्त या बहुत कम लागत में उपयोग कर रहे है तो इसका इस्तेमाल बंद करके दुसरे सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल शुरू करने पर आपको कोई बड़ा नुकसान नहीं होगा।

ओपन सोर्स सॉफ्टवेयर का महत्व – Importance of Open Source Software in Hindi

ओपन सोर्स सॉफ्टवेयर की खास बात यह है कि इसको इस्तेमाल करने के लिए यूजर को किसी भी प्रकार का कोई पैसा नहीं देना होता है। ओपन सोर्स सॉफ्टवेयर को इस्तेमाल करने के साथ-साथ यूजर इसमें अपने हिसाब से सोर्स कोड को मॉडिफाई भी कर सकता है।

ओपन सोर्स सॉफ्टवेयर में सोर्स कोड को सार्वजनिक तौर पर दिखाया जाता है इसलिए दुनिया भर के प्रोग्राम और उस सॉफ्टवेयर पर एक साथ काम करते हैं और उसमें Error को ढूंढते हैं तथा फिक्स करते हैं। साथ ही साथ सॉफ्टवेयर में नई नई टेक्नोलॉजी जोड़ते हैं और उसका नया वर्जन तैयार करते हैं। इसकी मदद से यूजर्स को एक नई टेक्नोलॉजी इसके साथ काम करने का या चलाने का मौका मिलता है।

ओपन सोर्स सॉफ्टवेयर पर डेवलपर्स काम करके नए-नए आईडिया निकालते हैं और एक अच्छा क्लोज सोर्स सॉफ्टवेयर तैयार करते हैं। ओपन सोर्स सॉफ्टवेयर सबसे ज्यादा उपयोगी उन विद्यार्थियों के लिए है जो प्रोग्रामिंग सीख रहे होते हैं इन्हीं सॉफ्टवेयरों के सोर्स कोड की मदद लेकर वह नए प्रोग्राम लिखना सीखते हैं। और धीरे-धीरे इन्हीं सॉफ्टवेयर में परिवर्तन करके या फिर Errors को ढूंढ कर एक अच्छे प्रोग्राम और बनते हैं और अच्छा एक सॉफ्टवेयर तैयार कर पाते हैं।

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ओपन सोर्स सॉफ्टवेयर के फायदे – Benefits of Open Source Software in Hindi

ओपन सोर्स सॉफ्टवेयर के फायदे बहुत अधिक हैं इसलिए इनका विकास क्लोज्ड सोर्स सॉफ्टवेयर की ही तरह तेजी से हो रहा हैं आइये जानते हैं ओपन सोर्स सॉफ्टवेयर के फायदे के बारे में –

1. फ्री में उपलब्धता

ओपन सोर्स सॉफ्टवेयर फ्री ऑफ कॉस्ट उपलब्ध होते हैं जिन्हें यूजर्स आसानी से इस्तेमाल कर सकते हैं और अगर हम डेवलपर्स की बात करें तो डेवलपर्स इनके सोर्स कोड को आसानी से देख सकते हैं और उसमें कुछ परिवर्तन भी करके अपने काम के अनुसार उसे बना सकते हैं। ओपन सोर्स सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल करने के लिए ना तो हमें किसी प्रकार का पेमेंट करना होता है और ना ही किसी प्रकार का एग्रीमेंट इसलिए आज के समय में ओपन सोर्स सॉफ्टवेयर ज्यादा पसंद किए जाते हैं।

2. नए सॉफ्टवेयरों के जनक

ओपन सोर्स सॉफ्टवेयर नए सॉफ्टवेयर के निर्माण में अहम भूमिका निभाते हैं। क्योंकि डेवलपर्स ओपन सोर्स सॉफ्टवेयर की मदद से उसके सोर्स कोड को देखकर उस में कुछ परिवर्तन करके नए-नए सॉफ्टवेयर ओं का निर्माण करते हैं।

3. यूजर फ्रेंडली

ओपन सोर्स सॉफ्टवेयर यूजर फ्रेंडली सॉफ्टवेयर होते हैं क्योंकि इन्हें व्यक्ति खुद से या किसी डेवलपर की मदद से अपने काम के अनुसार बना सकते हैं और इस्तेमाल कर सकते हैं।

4. तकनीकी गुणवत्ता

ओपन सोर्स सॉफ्टवेयर में दुनियाभर के डेवलपर्स काम करते हैं और उसे अच्छा से अच्छा बनाने के लिए उसमें कुछ मॉडिफिकेशन करते हैं। इस प्रकार इन सॉफ्टवेयर ओं में वर्षा होने की संभावना बहुत कम हो जाती है और नई-नई टेक्नोलॉजी का विकास होता है और यूजर नई टेक्नोलॉजी को इस्तेमाल कर पाते हैं।

ओपन सोर्स सॉफ्टवेयर के नुकसान – Disadvantages of Open Source Software in Hindi

हमने ऊपर ओपन सोर्स सॉफ्टवेयर के लाभ के बारे में जाना। हमे यह भलीभांति मालूम हैं कि हर मुफ्त की चीज का कोई न कोई नुकसान तो होता हैं। वैसे ओपन सोर्स सॉफ्टवेयर को प्रयोग करने के नुकसान इतने नहीं हैं फिर भी हमे इनके बारे में पता होना चाहिए। ओपन सोर्स सॉफ्टवेयर के नुकसान निम्न प्रकार हैं –

  • ओपन सोर्स सॉफ्टवेयर कमर्शियल उद्देश्य के लिए नहीं बनाये जाते हैं जिस बजह से इन सॉफ्टवेयर से अधिक पैसा नहीं कमाया जा सकता। क्योंकि इन सॉफ्टवेयर से पैसा नहीं कमाया जाता, इसलिए इन सॉफ्टवेयर को क्लोज्ड सोर्स सॉफ्टवेयर की तरह विकसित नहीं किया जाता।
  • यदि आपको Open Source Software उपयोग करते हुए किसी समस्या का सामना करना पड़ता हैं तो बड़ी मुश्किल से आपकी उस दिक्कत का समाधान निकेलेगा। क्योंकि ओपन सोर्स सॉफ्टवेयर में क्लोज्ड सोर्स सॉफ्टवेयर की तरह support प्राप्त नहीं होता।
  • ओपन सोर्स सॉफ्टवेयर का यूजर इंटरफ़ेस (उपयोगकर्ता अंतरपृष्ठ) बहुत ज्यादा अच्छा नहीं होता जिसके कारण इन्हें चलाने के लिए आपको थोड़ा टेक्निकल ज्ञान होना चाहिए।
  • वैसे तो ओपन सोर्स सॉफ्टवेयर काफी सुरक्षित होते हैं लेकिन कभी-कभी इनमे बग्स मिलने की समस्या देखी जा सकती हैं।

FAQ (सवाल-जबाब)

सवाल – कोन सा पुस्तकालय सॉफ्टवेयर खुला स्रोत है?

जबाब – संसार के अधिकतर पब्लिक स्कूल लाईब्रेरी में “कोहा” ओपन सोर्स इंटीग्रेटेड लाइब्रेरी सिस्टम का उपयोग किया जाता है, जो एक पुस्तकालय सॉफ्टवेयर खुला स्रोत हैं।

सवाल – मुक्त और खुला स्रोत सॉफ्टवेयर के नाम बताये?

जबाब – Mozilla Firefox, MySQL, VLC Media Player, Tor Browser, Audacity व Linux आदि मुक्त और खुला स्रोत सॉफ्टवेयर है।

आज हमने क्या सीखा?

दोस्तों आज कि इस लेख में हमने ओपन सोर्स सॉफ्टवेयर क्या है, ओपन सोर्स सॉफ्टवेयर के प्रमुख उद्देश्य, ओपन सोर्स सॉफ्टवेयर कैसे काम करता है, ओपन सोर्स सॉफ्टवेयर के फायदे और नुकसान तथा ओपन सोर्स सॉफ्टवेयर की लाइसेंस डिटेल तथा ओपन सोर्स सॉफ्टवेयर का महत्व के बारे में जाना, उम्मीद करता हूं कि यह लेख आपको पसंद आया होगा।

हमने ऊपर जो ओपन सोर्स सॉफ्टवेयर लिस्ट या ओपन सोर्स ऑपरेटिंग सिस्टम लिस्ट आपको बताई है इसमें शामिल सभी सॉफ्टवेयर को कोई भी अपने अनुसार मॉडिफाई कर सकता है यदि आप कोडिंग की जानकारी रखते हैं तो आप भी इन ओपन सोर्स सॉफ्टवेयर में अपना योगदान दे सकते हैं।

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