SEO क्या है और यह blog के लिए क्यों जरुरी हैं | SEO in Hindi

What is seo in hindi या seo kya hai यह सवाल बहुत लोगो के मन में होता हैं जो ब्लोगिंग के कार्य से जुड़े हैं। अगर आप कोई ब्लॉग शुरु करने जा रहे हैं या आपका कोई ब्लॉग है तो आपके लिए SEO को जानना बहुत अधिक महत्वपूर्ण हैं।

कोई भी ब्लॉग लिखने के लिये सबसे पहले हम एक मुख्य keyword ढूंढ़ते हैं और उस से मिलते-जुलते कुछ और कीवर्ड की सहायता से पोस्ट लिखते हैं।

क्या हो अगर आपने एक बेहतरीन आर्टिकल तैयार किया हो लेकिन फिर भी वो सर्च इंजन में रैंक न हो। ऐसी स्थिती में आपकी सारी मेहनत बेकार हो जाएगी। ब्लॉग से पैसा कमाने के लिए जरुरी है की आपकी पोस्ट टॉप पर रैंक करे। सर्च इंजन में अच्छी रैंक प्राप्त करने के लिए जरुरी है कि हमे SEO का बढ़िया ज्ञान हो।

seo-in-hindi

आप बड़े से बड़ा कंटेंट लिख लीजिये, उसमे अच्छी शब्दावली उपयोग कीजिये अगर आपका कंटेंट SEO को ध्यान में रख कर नहीं लिखा गया है तो आपका ब्लॉग Top 10 searches में रैंक नहीं करेगा।अगर सीधे शब्दों में कहा जाये तो seo khazana हैं ज्यादा से ज्यादा ट्रैफिक अपने ब्लॉग पर पाने का ।

तो आइये समझते है seo in hindi, जिससे हम आसानी से हिंदी में समझ सके एवं हमारा ब्लॉग अच्छे से रैंक करे।

SEO क्या हैं – What is seo in hindi ?

SEO एक तकनीक है जिसकी सहायता से हम अपने किसी भी ब्लॉग को SERP (Search Engine Result Page) पर टॉप में ला सकते हैं। आसान भाषा में कहे तो SEO एक प्रभावी कारक हैं जिसके कारण किसी भी ब्लॉग पर अच्छा ट्रैफिक (ज्यादा पाठक) आता हैं और हमारा ब्लॉग SERP पर अधिक बार दिखाई देता हैं।

SEO हमारे ब्लॉग पर आर्गेनिक ट्रैफिक लाने में बेहद कारगर साबित होता हैं। जो भी इन्सान एक अच्छा ब्लॉगर बनना चाहता है उसे seo सीखना चाहिये। कोई भी अगर seo hindi में सीखना चाहता है तो seo tutorial in hindi सीख कर ब्लॉगिंग करियर शुरू कर सकता हैं ।

हमे उम्मीद है कि अब seo kya hai जैसा सवाल आपके मन में नहीं रहा होगा।

SEO की full फॉर्म Search Engine Optimization हैं।

SEO का blog को रैंक करने में क्या महत्व हैं ?

चाहे हमे search engine optimization hindi के कंटेंट में करना हो या english के, यह हमेशा ही मह्त्वपूर्ण हैं।

आइये हम इसे एक बहुत ही साधारण से उदहारण से समझते हैं –

मान लीजिये दो लोग है और दोनों एक ही तरह का ब्लॉग रखते हैं। ये दोनों “blog meaning in hindi” पर ब्लॉग लिखते हैं। पहले व्यक्ति ने SEO सीखा हुआ है और वह “blog meaning in hindi” कीवर्ड पर SEO की सहायता से पोस्ट लिखता है। तथा दूसरा व्यक्ति seo का उपयोग नहीं करता तब पहले व्यक्ति का कंटेंट दुसरे व्यक्ति के कंटेंट से ऊपर रैंक करेगा।

  • SEO यह सुनिश्चित करता है कि आपका आर्टिकल बहुत ही अच्छे ढंग से तैयार किया गया हैं।
  • हमारा आर्टिकल ठीक प्रकार से लिखा हुआ है या नही यह भी seo से पता चलता है। अगर हमने ब्लॉग को पाठक का ध्यान खीचने वाला नही बनाया है तो यह रैंक नही करेगा।
  • SEO ना केवल वेबसाइट पर traffic बढ़ाता हैं बल्कि यूजर को बेहतरीन अनुभव देने में भी मददगार हैं।
  • आप seo hindi में करके अपने हिंदी यूजर को कुछ सरल और अच्छा पढने के लिए दे सकते हैं।

SEO का विस्तार (Scope of SEO in Hindi)

अगर कोई भी व्यक्ति SEO में करियर बनाने की सोच रहा है तो उसे बेझिजक इस करियर का चुनाव कर लेना चाहिए। हम देख सकते है कि scope of seo बहुत है क्योंकि यह digital marketing से जुड़ा कार्य-क्षेत्र है। और हम जानते है की डिजिटल मार्केटिंग की जरुरत कितनी ज्यादा बढ़ रही हैं।

आपके लिए seo khazana साबित हो सकता है क्योंकि इसकी मांग दिन-बा-दिन बढ़ रही हैं इसलिए कोई भी इसे सीख कर अच्छा पैसा कमा सकता हैं।

Search Engine कैसे काम करता हैं ?

SEO के बारे में जानने के साथ-साथ हमे यह भी पता होना चाहिए की सर्च इंजन कैसे काम करता हैं ?

हम जानते है की कई सारे सर्च इंजन मोजूद है जिनमे सबसे प्रमुख Google, Bing, Yahoo है। और इन तीनो में भी सबसे ज्यादा खोज Google पर होती है अत: आप कह सकते है कि गूगल सबसे ज्यादा डिमांड में रहने वाला सर्च इंजन हैं।

कोई भी सर्च इंजन किसी कीवर्ड को पहचान कर उपयोगकर्ता को सबसे सटीक परिणाम प्राप्त कराता हैं। इसलिए जरुरी है कि हम कंटेंट लिखने से पहले ठीक तरह से कीवर्डस चुन ले।

यह भी बेह्द आवश्यक है कि हमारा article quality वाला हो मतलब उसमे पूरी जानकारी दी गयी हो। कोई भी ब्लॉग जो पाठक को पूरी तरह से संतुष्ट करता है वह बेहतरीन ब्लॉग हैं।

हमने एक बहुत अच्छा कंटेंट लिखा है पर यह पक्का नहीं है कि ये search engine पर rank होगा या नही। यहाँ पर काम आता है SEO का; हम seo hindi ब्लॉग का अच्छे से कर देंगे और हमारी top 10 में रैंक होने की संभावना काफी अधिक हो जाएगी। इसलिए इसे अच्छे से सीख ले ( learn seo in hindi ) जिससे आपको इसका अधिक ज्ञान हो सके।

SEO के प्रकार – Types of seo in hindi

SEO मुख्यत: दो प्रकार के होते है –

  1. On-Page SEO
  2. Off- Page SEO

आइये जानते है seo के भिन्न रूप ताकि हम अपनी वेबसाइट का अच्छे से प्रबन्धन कर सके।

1 . On-Page SEO (on-page seo क्या हैं ?)

आपके द्वारा बनाये गये ब्लॉग पर जितनी भी on-site techniques ब्लॉग को SERP पर रैंक कराने में सहायक होती है वो सब On-page seo के अन्तर्ग्रत आती हैं। अगर साफ शब्दों में कहे तो पेज को रैंक कराने के वो सभी तरीके जिनको हम पोस्ट लिखते व पोस्ट को ब्लॉग पर प्रकाशित करने के दौरान करते है वो सब on-page SEO का ही भाग हैं।

किसी भी पेज की quality में सुधार करने और उसे सर्च इंजन पर रैंक करने के लिए On-Page SEO करना बहुत आवश्यक हैं।

अच्छी प्रकार से on-page SEO करके आप अधिक से अधिक ट्रैफिक पा सकते हैं। on page seo kya hai यह जानने के अलावा हमे इसके सभी कारक का भी पता होना चाहिए।

On-page seo कैसे करते हैं ?

ऑन-पेज seo करना आपके लिए बहुत ही आसान हो सकता हैं बस आपको ऑन पेज seo के सभी factors पता हो व आपको एक seo का plugin उपयोग करना आता हो।

यदि plugin के बात करे तो आप Yoast या Rankmath में से कोई भी एक ऑन पेज seo करने के लिए उपयोग कर सकते हैं। ये दोनों ही बहुत बढ़िया SEO प्लगइन हैं। ऑन पेज SEO के फैक्टर्स हमने नीचे उल्लेखित कर दिए हैं कृपया इन्हें गौर से 2-3 बार पढ़े।

On-Page SEO Factors:

i. Content ( लेख )

किसी भी ब्लॉग को शुरू करने के लिए हम सबसे पहले एक कंटेंट लिखेंगे। अंग्रेजी में एक कहावत है की “content is the king” और यह बात 100 % सच भी हैं। हमे बढ़िया कंटेंट लिखना हैं एवं उसका अच्छे से SEO करना है।

यहाँ पर आपको keywords का optimization करना होगा, internal linking आदि करनी होगी तब कही आपके content का ठीक तरह से on-page seo होगा। इस बात की भी ध्यान रखना हैं कि आपका आर्टिकल कही से भी कॉपी नहीं होना चाहिए अन्यथा आपका ब्लॉग सर्च इंजन पर रैंक नहीं करेगा ।

ii. Keywords

Keywords वो शब्द होते है जिनको ध्यान में रख कर एक कंटेंट लिखा जाता हैं। मान लीजिये एक कीवर्ड है “learn seo in hindi” और दूसरा कीवर्ड है “seo knowledge meaning in hindi”; हम इन दोनो कीवर्डस की सहायता से पोस्ट लिख सकते हैं।

हमे पता होना चाहिए कि कौन-सा कीवर्ड हमारे लिए ज्यादा उपयोगी हैं। कीवर्डस का उपयोग करके कंटेंट लिखना ही काफी नहीं है हमे कीवर्डस का ठीक ढंग से पोस्ट में placment करना होगा, तभी सही से on-page seo in hindi होगा।

iii. Title Tag

किसी भी page के title को उस web page का title tag कहते है। टाइटल का मतलब है कोई एक शब्द या शब्दों का समहू जो बताता है कि ब्लॉग किस विशेष पहलु पर लिखा गया है।

Title को आकर्षक बनाना बहुत जरुरी है ताकि पाठक आपके ब्लॉग का टाइटल पढ़ते ही आपका पूरा ब्लॉग पढने को मजबूर हो जाये। अपने मुख्य कीवर्ड का प्रयोग अपने ब्लॉग के टाइटल में अवश्य करे।

iv. Meta Description

यह एक short desciption होता हो जो search engine result page पर URL के नीचे दिखाई देता है। Meta desciption एक छोटा सा विवरण देता है कि हमारा ब्लॉग किस बारे में हैं।

SERP में meta desciption को पढ़ कर आसानी से जाना जा सकता है कि आपने अपने ब्लॉग में किस विषय के बारे में लिखा हैं। मेटा डिस्क्रिप्शन में भी मुख्य कीवर्ड का उपयोग करना बेहद जरूरी हैं।

v. Alt Text

किसी भी blog को ज्यादा आकर्षक बनाने के लिए आजकल जरुरी हो चुका कि Images का प्र्योग किया जाये। आजकल सभी ब्लॉगर अपने ब्लॉग में images लगाते हैं ताकि पढने वाले को पढने में आनंद आये।

क्या आपको पता है कि images का भी seo होता हैं। किसी भी उपयोग की गई picture और screenshot में alt text जरूर डालना चाहिय।

Alt Text सर्च इंजन के बोट को सूचना देता है कि प्रयोग की गयी images किस बारे में है। आप seo hindi कंटेंट का करे या इंग्लिश का alt text का जरूर इस्तेमाल करे।

vi. HTTPS/SSL

ब्लॉग की सुरक्षा का बहुत महत्व है क्योकि हमारी वेबसाइट के एक भी पेज का हैक होने का मतलब हमारी पुरी वेबसाइट खतरे में आ जाएगी ।

इसलिए आवश्यक है हम अपने ब्लॉग को किसी भी तरह की असुरक्षा से बचाये।

ब्लॉगस को सुरक्षित रखने का काम करते है SSL और HTTPS.

SSL न केवल आपकी वेबसाइट को हैक होने से बचाता है बल्कि यह सर्च इंजन में भी ब्लॉग को रैंक करने में सहायक है। चाहे आप seo in hindi करे या seo in english करे आपकी साईट HTTPS secure होनी चाइए। ब्लॉग का HTTPS secure होना यूजर को भी एक सकारात्मक संकेत देता है की आपकी साईट बिल्कुल सुरक्षित है यहाँ पर यूजर को कोई दिक्कत नहीं होगी।

SSL का पूरा नाम Secure Sockets Layer हैं तथा HTTPS को Hyper Text Transfer Protocol Secure कहा जाता हैं।

vii. Anchor Text

यह एक प्रकार का text होता है जिस पर कोई लिंक लगा दिया जाया है जिसे हम क्लिक करके किसी दूसरे पोस्ट पर पहुच जाते हैं।

viii. Internal Linking

इस linking का मतलब होता है कि आप अपने एक ब्लॉग पर किसी word को anchor text में बदलकर उस पर दूसरे ब्लॉग का लिंक दे देते हैं जिसके कारण पाठक एक ब्लॉग पढने के साथ में ही किसी अन्य blog पर चला जाता है।

Internal linking आपकी वेबसाइट की बहुत मह्त्वपूर्ण seo technique है जिससे ब्लॉग पर ट्रैफिक में बढ़ोतरी होती हैं।

ix. URL Structure

अगर आपको अपने आर्टिकल को रैंक करना है तो ध्यान रखे कि मुख्य कीवर्ड का उपयोग URL में किया गया हैं।

On-page SEO की द्रष्टि से देखे तो कीवर्ड का URL में उपयोग करना बेहद जरुरी हैं। इस से सर्च इंजन को जानने में आसानी होती है कि ब्लॉग किस बात को ध्यान में रख कर लिखा गया हैं।

URL में कीवर्ड का इस्तेमाल करते समय याद रखने योग्य बातें –

• कभी भी कीवर्डस को URL में बार-बार न लिखे। हो सके तो एक शब्द का एक ही बार इस्तेमाल करे।

उदाहरण के लिए हम एक कीवर्ड “blog meaning in hindi” को URL में सही और गलत रूप में लिख कर आपको समझाते है।
गलत तरह से लिखा गया URL /blog-meaning-hindi-blog-hindi (www.example.com/blog-meaning-hindi-blog-hindi)
सही तरह से लिखा गया URL /blog-meaning-hindi (www.example.com/blog-meaning-hindi)

• URL को जितना हो सके उतना छोटा ही रखो इस से साईट पर आना वाले यूजर का अनुभव अच्छा रहेगा।

x. Page load speed

पेज के खुलने की गति एक बहुत महत्वपूर्ण घटक है जो वेबसाइट पर आने वाले लोगो की संख्या को बढाता हैं। इसलिए यह अवश्य याद रखे कि जैसे ही कोई आपके ब्लॉग को पढने के लिए खोलता है तो यह खुलने में ज्याद वक्त ने ले अन्यथा पाठक आपके ब्लॉग को छोड़कर किसी अन्य के ब्लॉग पर जा सकता हैं।

यह देखा भी गया है कि जिन ब्लॉगस की पेज लोडिंग स्पीड 3 सेकंड से ज्यादा होती है उन 10-15 % ट्रैफिक किसी दूसरे ब्लॉग पर चला जाता है। तो यह जरुरी है कि आपका ब्लॉग खुलने में कम से कम समय लेता हो।

xi. Mobile Friendliness ( मोबाइल सुगम्यता )

यह भी ध्यान रखना जरुरी है कि आपके ब्लॉग का डिजाईन मोबाइल फ्रेंडली है। हमारे लिए जानना आवश्यक है कि आजकल 60% से भी ज्यादा searches मोबाइल के द्वारा होती है। इसलिए यह आवश्यक है हम अपनी वेबसाइट को चेक करे की, यह मोबाइल पर कैसे कार्य करती हैं।

ब्लॉग पर ज्याद से ज्यादा traffic के लिए बेहद आवश्यक है कि आप ऊपर उल्लेख किये गये सभी on-page SEO पॉइंट को सही से पालन करे। ये सब बिंदु सही से अमल में लाने पर आपके लिए seo khazana साबित होंगे।

2. Off–Page SEO (off page seo क्या हैं)

Off-page SEO के अंतर्गत वो सभी युक्तियाँ आती है जिनका संबंद्ध उन सभी किर्याओ से होता है जो ब्लॉग के बाहर से ट्रैफिक लाने में मदद करती हैं। अगर सीधे शब्दों में कहे तो वो सब एक्टिविटी जो ब्लॉग के बाहर होती है और जिनसे हमारी वेबसाइट की visibility बढाने में हमारा ज्यादा कण्ट्रोल नहीं होता, Off-page SEO कहलाती हैं।

इस off-site SEO का मुख्य उद्देश्य डोमेन की authority को बढ़ाना है। हमे seo tutorial in hindi के साथ- साथ off-page SEO के सभी factors का पता होना चाहिए।

Off-Page SEO Factors:

a) Link Building (बैकलिंक)

Link Building Off-page SEO की एक प्रमुख तकनीक है जिसका उद्देश्य पेज पर लिंक प्राप्त करना हैं।

प्रसिद्ध वेबसाइट को बापस अपनी वेबसाइट से लिंक करने के दो फायदे है, पहला कि यह आपकी साइट्स पर traffic की मात्रा बढाती है और दूसरा कि आपकी अच्छी रैंक को सुनिश्चित करती हैं।

Backlinks को अपने ब्लॉग पर बनाना अत्यंत ही आवश्यक है हमे हमेशा बैकलिंक बनाने के लिए प्रसिद्ध ब्लोग्स की तलाश में रहना चाहिये।

Backlinks बनाने के फ़ायदे –

• लिंक पाठको के experience में सुधार करते है।
• लिंक्स के द्वारा उपयोगकर्ता अपने मुताबिक सुचना को आसानी से पा लेते हैं।
• Backlinks एक आसन तरीका है साईट की expersite, authority और trust बढ़ाने का।
• सर्च इंजन में ब्लॉग को रैंक कराने का एक माध्यम backlink भी हैं।

b) Domain Authority

Domain authority एक नंबर होता है जो 1 से 100 के बीच के scale पर सर्च इंजन द्वारा किसी वेबसाइट का सामर्थ्य निर्धारित करने के लिए दिया जाता है।

आप कुछ प्रतिष्टित ब्लॉगस की गहनता से जाचँ करने पर यह पाएंगे कि जिन ब्लोग्स की domain authority ज्यादा है, ज्यादातर वही ब्लॉग टॉप पर रैंक करते हैं।

जिन blogs की domain authority कम होती है वो ज्यादातर सर्च इंजन में नीचे ही रैंक करते हैं।

डोमेन की authority को मापने के लिए कुछ factors तय किये जाते हैं जैसे कि डोमेन कितना पुराना है, डोमेन का इतिहास क्या है, उस पर कितने backlinks हैं, 404 pages कितने है आदि। इन सभी के द्वारा डोमेन की अथॉरिटी तय की जाती हैं।

c) Social Promotion ( सोशल बढ़ावा )

हम देख सकते है कि गुजरे हुए कुछ सालों में सोशल मीडिया का प्रयोग बहुत ही ज्यादा बढ़ा है और यह निरंतर प्रगति पर ही हैं। अगर हम अपने ब्लॉग पर ज्यादा से ज्यादा users चाहते है तो सोशल मीडिया का इस्तेमाल करना बेहद अच्छा रहेगा।

अपने कंटेंट को सोशल मीडिया पर बढ़ावा देने से आपकी रैंकिंग पर तो कोई सीधा असर नही आता परन्तु आपकी पोस्ट पर traffic बहुत ज्यादा आता हैं। तथा कही न कही पाठको की अधिक संख्या हमारी रैंकिंग अच्छी तो करती ही हैं।

इसलिए आवश्यक है हम ज्यादा से ज्यादा अपने ब्लॉग को Facbook, Twitter, Reddit, और Instagram, आदि मुख्य सोशल मीडिया चैनल्स पर शेयर करे।

d) Social Bookmarking

Social bookmarking एक प्रक्रिया है जिसमे हम अपने कंटेंट को अलग-अलग वेबसाइट पर प्रकाशित करते है। कुछ वेबसाइटस जैसे Tumblr, Reddit, StumbleUpon और Medium आदि कंटेंट submit करने के लिए बहुत उपयोगी हैं।

इन साइट्स पर आप अपनी niche के अनुसार कंटेंट लिख कर प्रस्तुत कर सकते है और वहाँ अपने ब्लॉग का लिंक भी दे। इन साइट्स पर यूजर्स हमारे कंटेंट को पढ़ते है और हमारे द्वारा दिए गये लिंक की सहायता से हमारे ब्लॉग पर भी आते है।

e) PPC (Pay Per Click)

कभी यह स्थिति भी आती है कि हमे अधिक traffic नही मिल पाता, अगर ब्लॉग नया हो फिर तो ऐसा होना स्वभाविक है। यदि आपके ब्लॉग पर भी ट्रैफिक नही आ रहा है तो आप PPC का सहारा ले सकते हैं।

PPC एक तकनीक होती जिसमे हम social media marketer को कुछ पैस देकर अपने quality content को सोशल मीडिया पर promote कराते है। यह एक बहुत बेहतरीन तरीका है अधिक लोगो को अपने ब्लॉग पर लाने का।

f) Guest Posting

Off-page SEO करने का यह तरीका मुझे भी बहोत पसंद है क्योकि यह बेहद सरल है बस आपको एक ऊपर रैंक करने वाली वेबसाइट ढूंढनी हैं । फिर उसके बाद उस साईट के लिए एक बहुत अच्छा सा आर्टिकल लिखना है जिसे उस साईट का मालिक अपने ब्लॉग पर प्रकाशित कर सके।

आप सोच रहे होंगे है कि किसी अन्य के लिए article लिखने में हमारा क्या फायदा? हमारा फायदा है क्योंकि हम उस पोस्ट में अपने ब्लॉग का लिंक देंगे जिससे उस साइट्स के पाठक हमारे ब्लॉग पर भी आएंगे।

यकीन मानिये seo in hindi करने के लिए यह तरीका मेरे बेहद काम आया है और मुझे उम्मीद है कि आपके लिए भी फ़ायदेमंद साबित होंगा।

ये सभी off-page SEO करने की कुछ मुख्य तकनीक थी जिन्हें आप भी अपने ब्लॉग में traffic बढ़ाने के लिए प्रयोग में ला सकते हैं।

FAQ – SEO के बारे में अक्सर पूछे जाने वाले सवाल –

सवाल – SEO क्या हैं और यह कैसे काम करता हैं ?

सवाल – SEO ऑनलाइन कंटेंट को सर्च इंजन के अनुकूल बनाने की एक प्रक्रिया होती हैं ताकि आपका ब्लॉग किसी मुख्य कीवर्ड के लिए सर्च इंजन में टॉप पर रैंक कर सके

सवाल – क्या SEO करना आसान हैं ?

जबाब – SEO सीखना कोई मुश्किल कार्य भी नहीं हैं। बस आपको हर रोज एक समय निश्चित करना हैं जिसमे आपको seo के विभिन्न रूप सीखने हैं। इसके आलावा आपको SEO से सम्बन्धित आर्टिकल भी ज्यादा से ज्यादा पढने हैं। आप इस क्षेत्र से सम्बन्धित कोई ऑनलाइन कोर्स भी ले सकते हैं।

सवाल – क्या SEO के लिया कोडिंग सीखना जरूरी हैं ?

जबाब – नहीं, SEO सीखने के लिए हमे किसी भी प्रकार की कोडिंग सीखने की जरूरत नहीं हैं। यदि आपको कोडिंग का ज्ञान हैं तो यह आपके लिए SEO करना थोड़ा आसान जरूर बना देता हैं।

सवाल – क्या SEO एक अच्छा करियर साबित हो सकता हैं ?

जबाब – हम जानते हैं SEO एक ऑनलाइन क्षेत्र से जुड़ा हुआ कार्य हैं, एवं ऑनलाइन कार्यो की मांग बहुत तेजी से बढ़ रही हैं इसलिए इसमें कोई शक नहीं कि यह एक अच्छा करियर हैं। परन्तु SEO को करियर बनाने के लिए उन्ही लोगो को सोचना चाहिए जो इस कार्य के लिए जुनूनी व क्रिएटिव माइंड के हो।

सवाल – क्या SEO के लिए बैकलिंक बनाना महत्वपूर्ण है ?

जबाब – हाँ, SEO के लिए बैकलिंक बनाना महत्वपूर्ण हैं क्योंकि इन लिंक्स की सहायता से एक ब्लॉग दुसरे ब्लॉग से जुड़ता हैं जिसे कारण पोस्ट पर ट्रैफिक की बढ़ोतरी होती हैं।

आज हमने क्या जाना ?

इस पोस्ट में हमने seo in hindi, seo kya hai, scope of seo, seo tutorial in hindi, seo knowledge meaning in hindi और seo khazana आदि SEO के महत्चपूर्ण तत्वों के बारे में जाना हैं।

अगर आप कोई ब्लॉग चला रहे हैं तथा उस पर आने वाले लोगो की संख्या कम है तो ऊपर दी गयी लाभदायक तकनीक आपकी जरूर मदद करेगी।

यह हमेशा ध्यान रखना है, SEO एक ब्लॉग को सफल बनाने में बहुत मत्वपूर्ण भूमिका निभाता हैं। उम्मीद है कि आप अच्छे से अपने ब्लॉग का SEO करेंगे और एक सफल ब्लॉगर बनकर दिखायेंगे।

उम्मीद हैं आपको हमारी पोस्ट अच्छी लगी होगी। इस पोस्ट को ज्यादा से ज्यादा लोगो तक शेयर करे ताकि आप जैसे कुछ और जिज्ञासू लोग blogging की दुनिया में आगे बढ़ सके। हमे कमेंट करके भी बताए कि आप अन्य किन विषयो पर पोस्ट चाहते हैं।

अन्य पढ़े –

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *