उत्तर प्रदेश के ये 11 पर्यटन स्थल है कमाल के | Uttar Pradesh Tourist Places in Hindi

उत्तर प्रदेश में घूमने की जगह (Uttar Pradesh Me Ghumne Ki Jagah) उत्तर प्रदेश के प्रमुख धार्मिक स्थल, कब जाये, सही समय व कैसे जाये (Uttar Pradesh Tourist Places in Hindi, Time, Nainital Tourist Visiting Places in Hindi)

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उत्तर प्रदेश में घुमने की जगह – Uttar Pradesh Tourist Places in Hindi

भारत का उत्तर प्रदेश राज्य पर्यटन के लिए ओर राज्यों से अधिक प्रसिद्ध है। जनसंख्या की दृष्टि से यह भारत का सबसे अधिक आबादी वाला राज्य है। इसके उत्तर में हिमालय पर्वत और दक्षिण में सिंधु गंगा के मैदान है। इसकी पश्चिमी सीमाएं दिल्ली से लगी हुई है। यहां का सबसे प्रसिद्ध पर्यटन स्थल ताजमहल है जो आगरा में स्थित है।

भौगोलिक रूप से भी उत्तर प्रदेश में विविधता देखने को मिलती है। यहां के मंदिर पूरी दुनिया में प्रसिद्ध है। उत्तर प्रदेश श्री राम और कृष्ण भगवान की जन्म भूमि है। इसके अतिरिक्त यह अपनी प्राचीन संस्कृति, स्वादिष्ट व्यंजन, पीतल से निर्मित बर्तन आदि के लिए प्रसिद्ध है। अब हम बात करने वाले है उत्तर प्रदेश के पर्यटन स्थल (Uttar Pradesh Tourist Places in Hindi) के बारे में।

उत्तर प्रदेश का इतिहास संक्षेप में (Brief History of Uttar Pradesh in Hindi)

उत्तर प्रदेश भारत देश के उत्तर में स्थित एक राज्य है जो जनसँख्या की द्रष्टि से प्रदेशों में प्रथम स्थान पर आता है। उत्तर प्रदेश क्षेत्रफल की द्रष्टि से भारत का चौथा सबसे बड़ा प्रदेश है, पहले स्थान पर राजस्थान आता है। सन 2000 में उत्तर प्रदेश का एक हिस्सा अलग करके अलग राज्य का निर्माण किया गया जिसे उत्तराखंड के नाम से जाना जाता है।

उत्तर प्रदेश का इतिहाद 4000 वर्ष से भी पुराना है जब आर्यों ने यहाँ पर कदम रखा था। कहा जाता है वैदिक सभ्यता की शुरुआत उत्तर प्रदेश से ही हुई थी। इस राज्य को हिंदी भाषा की जन्मस्थली भी कहा जाता है। रामायण एवं महाभारत का सीधा सम्बन्ध उत्तर प्रदेश से है, यही पर अयोध्या एवं हस्तिनापुर शहर है जहाँ क्रमश भगवान राम एवं कौरव-पांडव अवतरित हुए थे।

राज्य उत्तर प्रदेश
स्थापना वर्ष24 जनवरी 1950
राजधानीलखनऊ
आधिकारिक भाषाहिंदी
जिले75
क्षेत्रफल243,286 वर्ग किमी
सबसे बड़ा शहरलखनऊ
जनसँख्यालगभग 24 करोड़
प्रमुख धर्महिन्दू

उत्तर प्रदेश के पर्यटन स्थल (List of Uttar Pradesh Tourist Places in Hindi)

उत्तर प्रदेश एक ऐसा राज्य है जिसमे आपको संस्कृति में विविधता, बोली में विविधता एवं धर्मो के प्रति यहाँ लोगो में अपार प्यार देखने को मिलेगा। उत्तर प्रदेश में कई तीर्थ स्थल है जिनके बारे में हमने नीचे विस्तार से बताया है।

1. वृंदावन (Vrindavan)

वृंदावन उत्तर प्रदेश में स्थित हिंदू धर्म का एक दर्शनीय धार्मिक स्थल है जो पर्यटन और धार्मिक दृष्टि से भक्तों के बीच एक खास महत्व रखता है। यहां पर श्री कृष्ण के भक्तों का आवागमन होता रहता है। वृंदावन धाम में दर्जनों मंदिर बने हुए हैं। इन मंदिरों में कुछ मंदिर प्राचीन है और कुछ मंदिर नवनिर्मित है। यहां पर निर्मित सभी मंदिरों की अपनी एक अलग विशेषता है। इन मंदिरों में जब भजन कीर्तन ,आरती होती है तो भक्तों के मन को बहुत शांति मिलती है। वृंदावन में गोविंद देव मंदिर, बांके बिहारी मंदिर जैसे कई मंदिर है।

वृंदावन को श्री कृष्ण की बाल लीला का केंद्र माना जाता है। यह उत्तर प्रदेश के मथुरा जिले में स्थित है। यहां पर श्री कृष्ण की बाल लीलाओं की अनेक झांकियां देखने को मिलती हैं जो मन को बहुत ज्यादा आकर्षित करती है।

2. ताजमहल (Taj Mahal)

ताजमहल उत्तर प्रदेश के आगरा में यमुना नदी के दक्षिणी तट पर स्थित है। यह एक सफेद रंग का संगमरमर का मकबरा है जिसे मुगल सम्राट शाहजहां ने 1632 में अपनी बेगम मुमताज महल की स्मृति में बनवाया था।
ताजमहल में 120 कमरे हैं और इसके नीचे 50 स्तम्भ हैं इस पर यह इमारत टिकी हुई है। ताजमहल मे मकराना के मार्बल का इस्तेमाल किया गया है।

जैसे ही हम भारत के आगरा शहर का नाम सुनते हैं तो सबसे पहले हमारे जहन में ताजमहल ही आता है। यह दुनिया के सात अजूबों में से एक अजूबा है। इसको यूनेस्को द्वारा विश्व धरोहर स्थल घोषित किया गया है। और पर्यटन की दृष्टि से यह एक बहुत ही दर्शनीय स्थल है।

3. शाकुंभरी देवी मंदिर (Temple of Shakumbari Devi)

मां शाकुंभरी देवी का मंदिर उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जिले में स्थित है। शाकुंभरी देवी मां आदिशक्ति जगदंबा का एक सौम्य अवतार है। मां शाकुंभरी देवी के देश में अनेक पीठ हैं लेकिन शक्तिपीठ केवल एक ही है जो सहारनपुर के पर्वतीय भाग में हैं यह मंदिर सबसे अधिक देखे जाने वाले मंदिरों में से एक है। वैष्णो देवी के बाद उत्तर भारत में यह दूसरा सबसे प्रसिद्ध मंदिर है।

स्कंद पुराण के श्लोकों में शाकुंभरी क्षेत्र और सा केश्वर महादेव की प्रत्यक्ष महिमा बताई गई है जोकि शिवालिक पर्वत माला में स्थित शाकुंभरी क्षेत्र है। शिवालिक पर्वत पर विराजमान शाकुंभरी देवी के तीनों पीठों की गणना प्रसिद्ध 51 शक्ति पीठ में की जाती है। यहां पर सती का शीश गिरा था। पुराणों में इस देवी पीठ को शक्ति पीठ परम पीठ, मां शक्ति पीठ और सिद्धबली पीठ कहां गया है।

मां शाकुंभरी देवी का दर्शन नौ देवी यात्रा में सबसे अंत में होता है। यह देवी सहारनपुर की अधिष्ठात्री देवी है। सहारनपुर में विराजमान शाकुंभरी देवी मंदिर उत्तर भारत का सबसे बड़ा सिद्ध पीठ है।

4. आनंद भवन (Anand Bhavan)

आनंद भवन नेहरू गांधी परिवार का पूर्व आवास है जो इलाहाबाद में स्थित है। अब यह एक संग्रहालय के रूप में स्थापित है। मोतीलाल नेहरू ने एक नए आवास का निर्माण करवाया और अपने पुराने आवास को कांग्रेस के कार्यों के लिए स्थानीय मुख्यालय बना दिया। और नवनिर्मित आवास का नाम आनंद भवन रखा गया इसके अलावा पुराने आवास का नाम स्वराज भवन कर दिया गया।

गांधी परिवार के जीवन की कई घटनाएं यहां घटित हुई हैं।

पूर्ण स्वतंत्रता की घोषणा करने वाला भाषण, भारत छोड़ो, आंदोलन का प्रारूप 1928 में यही बना। आनंद भवन कांग्रेस के मुख्यालय से पहले भी राजनैतिक विचार विमर्श का केंद्र रहा है।

5. गोरखनाथ मंदिर (Gorakhnath Temple)

उत्तर प्रदेश के गोरखपुर नगर में स्थित गोरखपुर मंदिर बहुत प्रसिद्ध मंदिर है। इस स्थान पर बाबा गोरखनाथ जी ने समाधि लगाई थी इसीलिए इस स्थान का नाम गोरखनाथ मंदिर पड़ गया।

गोरखनाथ के नाम पर ही गोरखपुर जिले का नाम पड़ा है। वर्तमान काल में श्री बाबा योगी आदित्यनाथ गोरखनाथ मंदिर के वर्तमान महंत है।

मकर संक्रांति के अवसर पर यहां एक मेला लगता है इसका आयोजन 1 माह तक रहता है। यह मेला खिचड़ी मेले के नाम से प्रसिद्ध है।

हिंदू धर्म ,दर्शन अध्यात्म और साधना के अंतर्गत विभिन्न संप्रदाय में, नाथ संप्रदाय का प्रमुख स्थान है। देश में फैले सभी नाथ संप्रदाय की देखरेख यहीं से की जाती है। यहां पर हर साल श्रद्धालुओं का आना जना होता रहता है। गोरखनाथ मंदिर की महिमा दूर-दूर तक फैली हुई है इसीलिए यह धार्मिक दृष्टि से हमारे हिंदू धर्म में खास महत्व रखता है।

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6. दशावतार मंदिर (Dasha Avatar Temple)

दशावतार मंदिर उत्तर प्रदेश के ललितपुर जिले के देवगढ़ में स्थित एक विशाल और भव्य मंदिर है। यह मंदिर भगवान विष्णु को समर्पित है क्योंकि यहां भगवान विष्णु के 10 अवतारों को चित्रित किया गया है इसीलिए इस मंदिर का नाम 10 अवतार मंदिर पड़ा।

यह मंदिर 5 वीं शताब्दी में निर्मित किया गया था। ऐसा माना जाता है कि यह गुप्त काल में बना था यहां पर आप भगवान विष्णु के ₹10 दर्शन कर सकते हैं और इस मंदिर के द्वार पर देवी गंगा और देवी यमुना की नक्काशी की गई है।

इस मंदिर की दीवारों पर वैष्णव पौराणिक कथाओं की भी नक्काशी की गई है। भगवान विष्णु का यह दशावतार मंदिर 1500 साल पुराना माना जाता है। अपनी पौराणिक कथाओं और भव्य नक्काशी के लिए यह एक बहुत प्रसिद्ध मंदिर है।

7. सीताकुंड घाट (Sita kund Ghat)

सीताकुंड घाट भारत की एक ऐतिहासिक धरोहर है जो सुल्तानपुर, जिला मुख्यालय पर आदि गंगा गोमती के दक्षिणी तट पर स्थित है।

पौराणिक मान्यता के अनुसार यह वह स्थान है जहां भगवान राम ने वनागमन के वक्त सीता व लक्ष्मण के साथ रात्रि में विश्राम किया था। आज भी हर साल अयोध्या से संतों की टोली श्रृंगवेरपुर के लिए निकलती है और सीता कुंड घाट पर विश्राम करके श्री राम की स्मृति को जीवित करती है। रामायण और रामचरितमानस में भी इस घाट का जिक्र किया गया है।

हिंदू धर्म में यह आस्था का एक प्रमुख केंद्र है। यह एक ऐसा हिंदू मंदिर है जो भगवान राम और माता सीता को समर्पित है। इस मंदिर में सभी त्योहारों और अनुष्ठानों को एक सेट के रूप में मनाया जाता है। शिवरात्रि का त्यौहार भी यहां भव्य तरीके से मनाया जाता है इस मंदिर में सभी देवी देवताओं के साथ हनुमान जी की मूर्ति को भी स्थापित किया गया है।

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8. रानी महल (Rani Mahal)

रानी महल झांसी में स्थित एक 2 मंजिला इमारत है जो ऊपर से एकदम सपाट है। इसे रानी महल इसलिए कहा जाता है क्योंकि यह भारत की प्रसिद्ध वीर योद्धा रानी, रानी लक्ष्मी बाई का महल था।

नेवालकर परिवार के रघुनाथ द्वितीय ने इसका निर्माण करवाया था। यह महल देशभक्तों का केंद्र था जिसका नेतृत्व रानी लक्ष्मी बाई और मराठा सरदारों, तात्या टोपे और नाना साहिब ने किया था

जिन्होंने भारतीय स्वतंत्रता की पहली लड़ाई अट्ठारह सौ सत्तावन में लड़ी थी। रानी महल की चारदीवारी को रंगीन कला और चित्रकारी से सजाया गया है। वर्तमान समय में यह महल एक संग्रहालय में परिवर्तित हो गया है। स् इस महल को देखने के लिए दूर-दूर से पर्यटक आते रहते हैं।

9. फतेहपुर सीकरी (Fatehpur Sikri)

फतेहपुर सीकरी लाल बलुआ पत्थर से बना हुआ एक शहर है उसकी स्थापना मुगल सम्राट द्वारा सोलवीं शताब्दी में की गई थी।

इसके बाद यह 15 सालों तक उसके राज्य की राजधानी रहा लेकिन बाद में मुगल शासक ने इसको पानी की कमी के कारण खाली कर दिया। अकबर की स्थापत्य कला का अच्छा उदाहरण होने के कारण यूनेस्को ने भी इसे विश्व धरोहर में सम्मिलित कर लिया। यहां पर मुगल सम्राट ने कई सालों तक शासन किया।

यह आगरा जिले का एक नगर पालिका वार्ड भी है। यह भारत के उत्तर प्रदेश राज्य के आगरा जिले में स्थित है। फतेहपुर सीकरी मुस्लिम वास्तुकला का एक सबसे अच्छा उदाहरण है और यह मक्का मस्जिद की नकल है।

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10. द्वारकाधीश मंदिर (Dwarkadhish Temple)

द्वारकाधीश मंदिर उत्तर प्रदेश के मथुरा में स्थित कृष्ण मंदिर है जो जगत मंदिर के नाम से भी जाना जाता है। इस मंदिर का निर्माण सेठ गोकुलदास पारीख ने 1814 में करवाया था जो ग्वालियर रियासत का खजांची था। यह मंदिर विश्राम घाट के नजदीक, शहर के किनारे बसा हुआ प्रमुख घाट है। भगवान कृष्ण को द्वारकाधीश के नाम से जाना जाता है उन्हीं के नाम पर इस मंदिर का नाम पड़ा।

वर्तमान में इस मंदिर का कार्यभार वल्लभाचार्य संप्रदाय देखता है मुख्य आश्रम में भगवान कृष्ण और उनकी प्रिय राधा की मूर्तियां हैं। इसके अलावा मंदिर में अन्य देवी-देवताओं की भी मूर्तियां हैं।

मंदिर के अंदर सुंदर नक्काशी कला और चित्र कारी का बेहतरीन नमूना देखा जा सकता है। यहां पर झूले के त्यौहार भी प्रसिद्ध है जो श्रावण मास के अंत में आयोजित होता है जो बरसात के आने का संदेश देता है।

11. विश्वनाथ मंदिर (Vishwanath Mandir)

विश्वनाथ मंदिर अनादि काल से काशी में स्थित है यह द्वादश ज्योतिर्लिंगों में से प्रमुख है। आदि लिंग के रूप में अविमुक्तेश्वर को ही प्रथम लिंग माना गया है क्योंकि यह स्थान शिव और पार्वती का आदि स्थान है। इसका उल्लेख उपनिषदों और महाभारत में भी किया गया है।

ईसा पूर्व 11 वीं सदी में राजा हरिश्चंद्र और सम्राट विक्रमादित्य ने जिस विश्वनाथ मंदिर का जीर्णोद्धार कराया था उसे ही 1194 में मोहम्मद गोरी ने लूटने के बाद जला दिया था। इसके बाद इसे फिर से बनवाया गया लेकिन जौनपुर के सुल्तान मोहम्मद शाह द्वारा इसे फिर तुड़वा दिया गया।

कुछ सालों बाद राजा टोडरमल की सहायता से पंडित नारायण भट्ट द्वारा सन 1585 में इस स्थान पर फिर से एक भव्य मंदिर का निर्माण किया गया। इस भव्य मंदिर को भी शाहजहां ने 1632 में आदेश पारित कर तोड़ने के लिए सेना भेज दी थी। लेकिन हिंदुओं के प्रबल विरोध के कारण सेना विश्वनाथ मंदिर को तोड़ नहीं सकी।

डॉक्टर एएस भट्ट ने भी अपनी किताब, दान हारावली, मैं इसका जिक्र किया है। लेकिन बाद में औरंगजेब के आदेश पर यहां का मंदिर तोड़कर एक ज्ञानवापी मस्जिद बनाई गई। और औरंगजेब ने प्रतिदिन हजारों ब्राह्मणों को मुसलमान बनाने का आदेश भी पारित किया था आज उत्तर प्रदेश के 90% मुसलमानों के पूर्वज ब्राह्मण हैं।

काशी के हिंदुओं ने 18 सालों में जबरन बनाई गई मस्जिदपर कब्जा कर लिया था क्योंकि यह संपूर्ण क्षेत्र ज्ञानवापी मंडप का क्षेत्र था जिसे आजकल ज्ञानवापी मस्जिद कहा जाता है। इतिहास की किताबों में 11 से 15 शताब्दी के झारखंड में मंदिरों का चित्र और उसके विध्वंस की बातें भी लिखी हुई हैं।

सबसे बाद में इंदौर की महारानी अहिल्याबाई द्वारा इस मंदिर का पुनः निर्माण करवाया गया था जिस पर पंजाब के महाराजा रणजीत सिंह ने सोने का छत्र बनवाया। ग्वालियर की महारानी बैजा बाई ने ज्ञान वापी का मंडप बनवाया और महाराजा नेपाल ने वहां विशाल नंदी प्रतिमा स्थापित करवाई

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FAQ (उत्तर प्रदेश के बारे में सवाल-जबाब)

यूपी में कौन कौन सी जगह घूमने लायक है?

यूपी यानि उत्तर प्रदेश में ताजमहल, वृन्दावन, आनंद भवन, सीताकुंड घात आदि घूमने लायक जगह है।

यूपी में सबसे ज्यादा मशहूर क्या है?

उत्तर प्रदेश में सबसे मशहूर ताजमहल है जिसे दुनिया का सातवाँ अजूबा भी कहा जाता है।

उत्तर प्रदेश में कौन कौन से धार्मिक स्थल है?

उत्तर प्रदेश में वृन्दावन, शाकुंभरी देवी मंदिर, शाकुंभरी देवी मंदिर, दशावतार मंदिर, विश्वनाथ मंदिर, प्रेम मंदिर मथुरा आदि धार्मिक स्थल है।

आज हमने क्या जाना?

आज हमने उत्तर प्रदेश में घुमने की जगह (Uttar Pradesh Tourist Places in Hindi) की इस पोस्ट में कई पर्यटन स्थलों के बारे में जाना। इस लेख में हमने Uttar Pradesh Me Ghumne Ki Jagah, उत्तर प्रदेश के पर्यटन स्थल, उत्तर प्रदेश के प्रमुख धार्मिक स्थल, तथा उत्तर प्रदेश के तीर्थ स्थल के बारे में बात की। हम आशा करते है यह पोस्ट आपको बहुत पसंद आई होगी कृपया करके अपने सुझाव कमेंट में बताना न भूले।

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