विटामिन डी की कमी से हो सकते है ये भयंकर रोग | Vitamin D in Hindi

विटामिन डी (Vitamin D Kya Hai) विटामिन डी के फायदे, नुकसान, प्रकार, फल (Vitamin D Ke Fayde, Vitamin D Ke Nuksan, Types of Vitamin D in Hindi)

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विटामिन डी क्या है – Vitamin D in Hindi

आजकल इस रफ़्तार भरे जीवन ने हमारे खानपान में बहुत बड़ा बदलाव किया है। हमारा खानपान ऐसा हो गया है कि हमे जरुरी पौषक तत्व जैसे विटामिन, खनिज आदि कम ही मिल रहे है। कई लोगों में अस्वस्थ भोजन के कारण विटामिन की कमी देखी जा सकती है। जबकि हम सभी जानते है कि विटामिन का हमारे शरीर में संतुलन में होना कितना लाभदायक है। आज हम एक ऐसे ही विटामिन की बात करने वाले है जिसका नाम है विटामिन डी, इसकी शरीर में कमी होने मात्र से रोगों की शुरुआत हो जाती है। आइये जानते है विटामिन डी क्या है? तथा विटामिन डी के क्या फायदे है?

Table of Contents

विटामिन डी क्या है? (Vitamin D Kya Hai)

विटामिन डी एक पोषक तत्व है जो मनुष्य के शरीर में मौजूद होता है। यह वसा में घुलनशील प्रो-हार्मोन का समूह होता है। विटामिन d2 एवं विटामिन d3 होते हैं इनके वैज्ञानिक नाम भी हैं। खाद्य पदार्थ, सूर्य के प्रकाश एवं अन्य स्रोतों से प्राप्त विटामिन डी निष्क्रिय होता है। विटामिन डी को शरीर में सक्रिय होने के लिए कम से कम दो हाइड्राक्सिलेशन अभिक्रियाएं वांछित होती हैं।

विटामिन डी क्यों जरूरी है? (Needs of Vitamin D in Hindi)

हमारे शरीर में बहुत से मिनरल्स व विटामिंस होते हैं, जो पोषक तत्व होते हैं। इनका शरीर में सही मात्रा में होना बहुत जरूरी होता है। इसीलिए विटामिन डी भी हमारे लिए बहुत जरूरी है क्योंकि इससे इम्युनिटी बढ़ती है, हड्डियां मजबूत होती हैं, दिमाग स्वस्थ रहता है और कैंसर जैसी समस्याओं में भी फायदेमंद है।

अगर शरीर में विटामिन डी की कमी होगी तो हमारी हड्डियां व मांसपेशियां कमजोर हो जाएंगी और हमारा इम्यूनिटी सिस्टम भी कमजोर हो जाएगा। अगर इस स्थिति में कोई चोट लग जाए तो स्थिति गंभीर हो सकती है इसीलिए विटामिन डी की कमी से बचने के लिए हमें भरपूर धूप ,विटामिन डी युक्त आहार का सेवन करना जरूरी है।

विटामिन डी के प्रकार (Types of Vitamin D in Hindi)

विटामिन डी दो प्रकार का होता है।

  1. विटामिन d2
  2. विटामिन d3

यह दोनों ही शरीर को स्वस्थ रखने के लिए बहुत जरूरी है। विटामिन डी वसा घुलनशील होता है यह दो विटामिन d2 और विटामिन d3 से मिलकर बनता है।

इन दोनों विटामिन से शरीर में विटामिन डी की कमी को पूरा किया जा सकता है हालांकि यह दोनों विटामिन d2 और d3 एक दूसरे से अलग है। क्योंकि विटामिन डी हमें पौधों से प्राप्त होता है जैसे-मशरूम, बादाम, सोया मिल्क आदि। जबकि विटामिन डी हमें पशुओं से मिलता है-जैसे अंडा, मछली, दूध आदि चीजें पशुओं से प्राप्त होती हैं।

विटामिन डी की कमी के लक्षण (Symptoms of Vitamin D in Hindi)

विटामिन डी हमारे शरीर के लिए बहुत ही आवश्यक है जब हमारे शरीर में विटामिन डी की कमी होती है तो कुछ लक्षण सामने आते हैं जो इस प्रकार हैं –

  • विटामिन डी की कमी से मांसपेशियां कमजोर हो जाती हैं।
  • इसकी कमी से वजन बढ़ सकता है।
  • इसकी कमी से हमेशा थकान महसूस होती है।
  • इसकी कमी से हमारे मूड पर भी असर पड़ता है।
  • शरीर में रोग प्रतिरोधक क्षमता कम हो जाती है जिससे कई बीमारियां आपको घेर सकती हैं।
  • हड्डियों और जोड़ों में दर्द होने लगता है।
  • इसकी कमी से हेयर फॉल की समस्या भी हो सकती है।

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विटामिन डी की कमी से होने वाले रोग या परेशानियां (Vitamin D Deficiency)

विटामिन डी से शरीर में कैल्शियम की पूर्ति होती है अगर हमारे शरीर में विटामिन डी की कमी है तो इससे कैल्शियम की पर्याप्त मात्रा हमें नहीं मिल पाएगी और हड्डियां व मांस पेशियों में दर्द की समस्या हो सकती है। यह हमारे दांतो के लिए भी बहुत आवश्यक है-इसकी कमी से होने वाले रोग इस प्रकार हैं –

  • हार्ट से संबंधित बीमारियां बढ़ सकती हैं।
  • हड्डियों में दर्द हो सकता है और हड्डियां कमजोर होकर टूटने लग सकती हैं
  • हड्डियों के रोग ऑस्टियोमलेशिया और ओस्टियोपोरोसिस हो सकता है।
  • डायबिटीज की समस्या उत्पन्न हो सकती है।
  • इम्यूनिटी का कम होना
  • सूजन और संक्रामक संबंधी रोगों का होना
  • कैंसर का खतरा बढ़ना

विटामिन डी के फायदे (Vitamin D Benefits in Hindi)

विटामिन डी के कई फायदे हैं क्योंकि यह शरीर में कई अन्य पोषक तत्व का निर्माण करता है। बीते वर्षों में विटामिन डी की कमी के शिकार ज्यादातर लोग हो रहे हैं धूप से बनने वाली विटामिन डी शरीर में कैल्शियम और फास्फोरस के स्तर को बनाए रखता है। उसके फायदे इस प्रकार हैं –

1. हड्डियों और दांतों को मजबूत बनाने में विटामिन डी के फायदे

विटामिन डी में कैल्शियम और फास्फोरस की भरपूर मात्रा होती है जो हमारे दांतो के लिए बहुत ही जरूरी है और कैल्शियम हड्डियों को भी मजबूत करता है इसीलिए विटामिन डी हमारी हड्डियों और दातों के लिए बहुत ही फायदेमंद है।

2. रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में विटामिन डी का लाभ

रोग प्रतिरोधक क्षमता के लिए प्रतिरक्षा तंत्र को बेहतर करना विटामिन डी के माध्यम से ही होता है। विटामिन डी से हमारे शरीर में रोग प्रतिरोधक क्षमता बनी रहती है जिसके कारण हमारा शरीर रोगों से लड़ने में सक्षम होता है और हम जल्दी बीमार नहीं पड़ते हैं।

3. मस्तिष्क और तंत्रिका तंत्र को स्वस्थ रखने में विटामिन डी के फायदे

विटामिन डी की भरपूर मात्रा हमारे शरीर में होना बहुत ही आवश्यक है क्योंकि यह हमारे मस्तिष्क और तंत्रिका तंत्र को स्वस्थ रखने में काफी सहायक है इसमें मौजूद पोषक तत्व हमारे तंत्रिका तंत्र को संतुलित रखते हैं जिस कारण हमारा मस्तिष्क भी स्वस्थ रहता है।

4. पाचन तंत्र से जरूरी पोषक तत्व को अवशोषित करने में विटामिन D के फायदे

विटामिन डी पाचन तंत्र से जरूरी पोषक तत्व को अवशोषित करने में मददगार होता है। हमारे शरीर को भोजन के द्वारा पोषक तत्व अवशोषित करने के लिए विटामिन डी की जरूरत पड़ती है।

5. हृदय को स्वस्थ रखने में विटामिन डी के लाभ

हार्ट अटैक या हृदय रोग के खतरे को कम करने में भी विटामिन डी फायदेमंद होता है क्योंकि यह हमारे शरीर में मौजूद व्यर्थ तत्व को शरीर से बाहर निकाल देता है जिससे हार्ट अटैक की समस्या उत्पन्न नहीं होती है।

6. मोटापे और कैंसर से बचाने में विटामिन डी के फायदे

विटामिन डी मोटापा और कैंसर जैसी बीमारियों से बचाने में फायदेमंद होता है। क्योंकि शरीर में विटामिन डी की मौजूदगी से रोग प्रतिरोधक क्षमता बनी रहती है जिससे मोटापा और कैंसर जैसी बीमारी को नियंत्रित किया जा सकता है।

7. डायबिटीज में फायदेमंद

विटामिन डी डायबिटीज के रोगियों के लिए भी बहुत फायदेमंद है। डायबिटीज जैसे रोगों से बचने के लिए भी शरीर को जरूरी विटामिन मिलना ही चाहिए अगर शरीर में लंबे समय तक विटामिन डी की कमी रहती है तो डायबिटीज की समस्या बढ़ सकती है।

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विटामिन डी के नुकसान (Side Effects of Vitamin D in Hindi)

जहां विटामिन डी हमारे शरीर के लिए बहुत फायदेमंद है वहीं दूसरी ओर इसकी अधिक मात्रा से शरीर को कुछ नुकसान भी हो सकते हैं जैसे –

  • विटामिन डी की अधिक मात्रा से बार-बार यूरिन आने की समस्या होती है।
  • विटामिन डी के खाद्य पदार्थों के अधिक सेवन से कब्ज और सांस लेने में समस्या होने लगती है।
  • इसकी अधिक मात्रा से वयस्कों के शरीर में दर्द होने लगता है।
  • विटामिन दी की अधिक मात्रा से शरीर की हड्डियां कमजोर होने लगती हैं।
  • विटामिन डी की अधिकता से पाचन संबंधी समस्याएं हो सकती है।

विटामिन डी कैसे बढ़ाएं या विटामिन डी कैसे प्राप्त करें –

विटामिन डी पानी का सबसे अच्छा स्रोत सूरज की किरणें हैं क्योंकि सूरज की किरणों में अल्ट्रावायलट होता है। सूरज की किरने ही विटामिन d3 बनाने का काम करती है यही प्रक्रिया धूप में उगने वाले पौधों में होती है ।

विटामिन डी के लिए हम काफी सारे फूड्स डाइट में शामिल कर सकते हैं जैसे –

  • अंडे की जर्दी ,यह विटामिन डी का एक अच्छा स्रोत है।
  • दही ,यह विटामिन डी से भरपूर होता है।
  • दलिया, यह विटामिन डी का एक बेहतरीन स्रोत है।
  • रोजाना सुबह और रात को एक गिलास गर्म दूध का सेवन करने से हमें विटामिन डी की भरपूर मात्रा मिलती है।
  • सोया प्रोडक्ट भी विटामिन डी का एक अच्छा स्रोत है।।
  • इनके अलावा फलों और सूखे मेवों से भी विटामिन डी प्राप्त होता है।

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किन लोगों को विटामिन डी का खतरा अधिक होता है?

विटामिन डी की शरीर में कमी होना एक बहुत बड़ी समस्या है क्योंकि विटामिन डी की कमी से शरीर में हमेशा थकान रहती है।

विटामिन डी का खतरा ज्यादातर ऑफिस या दफ्तर जाने वाले लोगों को रहता है क्योंकि दफ्तर टाइम 9:00 से 5:00 रहता है जिस कारण उन्हें सुबह सुबह की धूप नहीं मिल पाती इसीलिए शरीर में विटामिन डी की कमी होती है। सूरज की किरणों से प्राकृतिक विटामिन डी मिलता है।

इसके अलावा 55 साल से अधिक उम्र वाले लोगों को भी विटामिन डी की कमी होती है।
डार्क स्किन वालों को विटामिन डी लेना जरूरी है कि गहरे रंग के काले लोगों को विटामिन डी की जरूरत अधिक होती है।

वेजिटेरियन और हाई बसा वाले लोगों मैं विटामिन डी की कमी होना स्वाभाविक है इसीलिए इन लोगों को अपने डाइट्स में विटामिन डी से युक्त पदार्थों का सेवन करना जरूरी है।

कैसे जाने कि विटामिन डी की कमी है ?

अगर आपके शरीर में विटामिन डी की कमी है तो कुछ खास लक्षण नजर आएंगे जैसे –

  • वजन बढ़ाना
  • विटामिन डी की कमी के कारण थकान महसूस होने लगती है।
  • मूड पर असर पड़ना
  • हड्डी और जोड़ों में दर्द बने रहना
  • हेयर फॉल होना

इसके अलावा अधिकांश लोगों में कोई लक्षण दिखाई नहीं देता और गंभीर मामलों में हड्डियां पतली और कमजोर हो जाती हैं।

जब मांसपेशियों और हड्डियों में थकान और कमजोरी महसूस हो तो हमें डॉक्टर के परामर्श से जांच करना जरूरी होता है जिससे पता लगता है की शरीर में विटामिन डी की कमी है या नहीं।

जांच होने के बाद ही इसका उपचार किया जा सकता है क्योंकि विटामिन डी की कमी का उपचार करना बहुत ही ज्यादा आवश्यक है।

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FAQ (विटामिन D के बारे में सवाल-जबाब)

विटामिन डी की कमी से होने वाले रोग का नाम लिखिए?

विटामिन डी की कमी से होने वाले रोग डायबिटीज, कमजोर प्रतिरक्षा प्रणाली, सूजन, कैंसर, दिल सम्बन्धित आदि रोग हो सकते है।

विटामिन डी शरीर में कितना होना चाहिए

कहा जाता है प्रति मिलीलीटर रक्त में विटामिन डी की 15 नैनोग्राम से 50 नैनोग्राम की मात्रा होना अच्छा मन जाता है.

कौन से फल में विटामिन डी पाया जाता है?

संतरे, केले, तथा पपीता आदि फल निरंतर खाने से शरीर में विटामिन डी की कमी पूरी होती है.

आज हमने क्या जाना?

आज हमने विटामिन डी क्या है (Vitamin D in Hindi) के इस लेख में विस्तृत रूप में जानकारी प्राप्त की। हमने जाना कि विटामिन डी के फायदे (Vitamin D Benefits in Hindi), विटामिन डी के प्रकार (Vitamin D Ke Prakar), विटामिन डी वाले फल, विटामिन D के नुकसान आदि के बारे में। हम उम्मीद करते है आपको विटामिन डी का यह लेख बहुत पसंद आया होगा।

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