दुनिया के 7 रहस्यमयी अजूबे, नाम व फोटो | Seven Wonders of the World in Hindi

दुनिया के 7 अजूबे (Seven Wonders of the World in Hindi) दुनिया के सात अजूबे के फोटो (Duniya Ke Saat Ajoobe, Naam, Photo)

seven-wonders-of-the-world-in-hindi-duniya-ke-saath-ajoobe
Seven Wonders of the World in Hindi

दुनिया के सात अजूबे विश्व की एक ऐसी धरोहर है जिनके बारे में सभी लोग जानना चाहेंगे। दुनिया के सात अजूबों का इतिहास बहुत ही प्राचीन माना जाता है। लेकिन प्राचीन सात अजूबों में से 6 नष्ट हो चुके हैं और वर्तमान में केवल एक गीजा का पिरामिड सुरक्षित है।

इसीलिए दोबारा से दुनिया के सात अजूबों को घोषित किया गया और यह सब ऑनलाइन वोटिंग के जरिए संभव हुआ। इस तरह दोबारा से सभी को दुनिया के सात अजूबों से अवगत कराया गया।

पुराने सात अजूबे को दुनिया से अवगत कराने का विचार इतिहासकार हेरोडोटस और विद्वान कल्लिमचुस का था। और नये सात अजूबों को दुनिया के सामने प्रस्तुत करने का विचार”दा न्यू 7 वंडर फाउंडेशन”का था।

जिस वजह से आज हम सभी विश्व के सात अजूबों के बारे में जान पाए और यदि आप इन सात अजूबों के बारे में नहीं जानते हैं तो आप इस लेख को जरूर पढ़ें। आइए आगे उन सात अजूबों के बारे में आपको बताते हैं।

दुनिया के सात अजूबों के नाम (List of Wonders of the World in Hindi)

यदि आप दुनिया के अजूबे देखने के लिए जायेंगे तो आपको लगेगा कि आप किसी अलग ही संसार में आ गए हैं। चलिए देखते व जानते है दुनिया के 7 आश्चर्य के बारे में –

1. चीन की दीवार (The great Wall of China)

विश्व के सात अजूबों में से एक अजूबा चीन की दीवार है। चीन की दीवार का निर्माण सातवीं शताब्दी से लेकर 1600 शताब्दी तक हुआ था। चीन के विभिन्न शासकों ने यह दीवार बाहरी आक्रमण से बचने के लिए निर्मित कराई थी। इस दीवार के जरिए वे अपनी और अपने राज्य की सुरक्षा कर पाते थे।

इस दीवार की कुल लंबाई 6400 किलोमीटर है और ऊंचाई लगभग 35 फीट है।

और यह दीवार इतनी लंबी है कि यह चीन के पूर्वी हिस्से से शुरू होकर पश्चिमी हिस्से तक फैली हुई है। इस दीवार को बनाने का निर्माण कार्य सबसे पहले चीन के महान शासक किन शी हुआंग के आदेश पर कराया गया था।

great-wall-of-china
चीन की महान दीवार

यह दीवार विश्व के इतिहास में अब तक की मानव निर्मित सबसे लंबी और सर्वश्रेष्ठ दीवार है। यह दीवार इतनी लंबी है कि इस दीवार को अंतरिक्ष से भी देखा जा सकता है। माना जाता है कि इस दीवार को बनाने में कम से कम 30 से 40 लाख मजदूरों ने जान गवाई थी।

इस दीवार को पर्यटकों के लिए 1970 में खोल दिया गया था। चीन की महान दीवार को देखने के लिए हर वर्ष लाखों की संख्या में पर्यटक आते हैं।

2. ताजमहल (Taj Mahal)

ताजमहल भारत के आगरा शहर में स्थित है। और यह इमारत दुनिया के सात अजूबों में शामिल की गई है। कहा जाता है कि इस इमारत का निर्माण शाहजहां ने 1632 में करवाया था। इस इमारत को बनाने में कई वर्ष लग गए थे। इसकी ऊंचाई 73 मीटर है।

ताजमहल को बनवाने के लिए शाहजहां ने संगमरमर के पत्थरों का इस्तेमाल किया था और यह पत्थर सफेद संगमरमर के थे जिन्हें पूरी दुनिया से मंगाया गया था। ताजमहल को शाहजहां को अपनी बेगम मुमताज की याद में बनावाया था।

कहा जाता है कि ताजमहल के बनने के बाद शाहजहां ने उन मजदूरों के हाथ कटवा दिए थे जिन्होंने ताजमहल को बनाया था। ऐसा उसने इसलिए किया था क्योंकि वह नहीं चाहता था कि वे मजदूर ऐसी कोई दूसरी इमारत बना सके।

taj-mahal-india-sevenwonders
ताजमहल

इस इमारत को बनाने में लगभग 30,000 से भी ज्यादा मजदूरों ने काम किया था। ताजमहल के आसपास कई सारी इमारतें और बाग बगीचे बनाए गए हैं जो इसकी खूबसूरती में चार चांद लगा देते हैं। ताजमहल को देखने के लिए हर साल लाखों की संख्या में पर्यटक आते हैं।

3. पेट्रा(Petra)

पेट्रा को दुनिया के सात अजूबों में शामिल एक अजूबा है। पेट्रा जॉर्डन में स्थित है और यह एक ऐतिहासिक नगरी है। इस इस नगरी की पूरी इमारतें पत्थरों को तराश कर बनाई गई थी और इस नगरी की स्थापना 312 ईशा पूर्व की गई थी।

इसकी इमारत में जो पत्थर लगाए गए थे वो सभी लाल रंग के थे। लाल रंग के पत्थरो की वजह से इस सिटी को रोज सिटी के नाम से भी जाना जाता है। यह नगरी पत्थरों द्वारा तराशी गई इमारतों के कारण काफी सुंदर दिखाई देती है।

petra-seven-wonders
पेट्रा

इन भव्य इमारतों को देखने के लिए दुनिया भर से पर्यटक यहां घूमने के लिए आते हैं। इस नगरी में एक भव्य संस्कृति की झलक देखने को मिलती है, जो इतिहास के कुछ पन्नों को संजोए हुए हैं। इस नगरी में काफी बड़ी बड़ी चट्टाने भी मौजूद है।

इस नगरी को यूनेस्को द्वारा एक विश्व धरोहर के रूप में भी घोषित किया गया था।

4. क्राइस्ट रिडीमर ब्राजील (Christ the redeemer Brazil)

दुनिया का यह अजूबा एक मूर्ति है। यह मूर्ति महान ईसा मसीह की है। यह मूर्ति ब्राजील के रियो डी जेनेरो में स्थापित है। इस मूर्ति को दुनिया के सात अजूबों में इसलिए शामिल किया गया है क्योंकि यह दुनिया की सबसे ऊंची मूर्तियों में से एक है।

भगवान यीशु की यह प्रतिमा ब्राजील के तिजुका फॉरेस्ट नेशनल पार्क में कोकोरवाडो पर्वत की चोटी पर स्थित है।

christ-the-redeemer-brazil
क्राइस्ट रिडीमर ब्राजील

इस प्रतिमा की ऊंचाई लगभग 130 फीट है और चौड़ाई की बात की जाए तो इसकी चौड़ाई 98 फीट है। इस मूर्ति का निर्माण 1922 और 1931 के बीच किया गया था। इस प्रतिमा का वजन लगभग 635 टन है।

इस मूर्ति को बनाने में कांक्रीट और सॉफ्ट स्टोन का इस्तेमाल किया गया था। ब्राजील के सिल्वा कोस्टा ने इस मूर्ति को डिजाइन किया था और मूर्तिकार लेनदोव्सकी ने इसको बनाया था, यह मूर्तिकार फ्रेंच के रहने वाले थे। जिन्होंने इस महान मूर्ति को बनाया था।

5. माचू पिच्चू पेरु,(Machu Picchu Peru,)

दुनिया का यह अजूबा दक्षिण अमेरिकी देश पेरू में स्थित एक ऐतिहासिक स्थल है। इस स्थल पर कोलंबस पूर्व युग, इंका सभ्यता रहती थी। यह स्थल समुद्र तल से काफी ऊंचाई पर स्थित है। समुद्र तल से इसकी ऊंचाई लगभग 2430 मीटर है।

यह काफी ऊंचाई वाला स्थान है। सोचने वाली बात तो यह है कि इस स्थान पर लोग पहुंचते कैसे थे। और कैसे नीचे उतरते थे। कैसे वह अपना जीवन यापन करते थे।

Machu-Picchu-peru-in-hindi
माचू पिच्चू

इसका निर्माण राजा पचाकुती ने 1400 ईस्वी के आसपास करवाया था। लेकिन इस स्थान को युद्ध में स्पेन ने जीत लिया था और इसे ऐसे ही छोड़ दिया गया था। इसी कारण यह जगह और यहां की सभ्यता धीरे-धीरे नष्ट होते चली गई।

लेकिन 1911 हीरम बिंघम ने इस जगह को खोज निकाला। हीरम बिंघम अमेरिका के इतिहासकार थे। और उन्होंने ही इस ऐतिहासिक स्थल को दुनिया के सामने प्रस्तुत किया।

6. कोलोसियम रोम (Colosseum Rome)

दुनिया का यह अजूबा रोम के इटली शहर में स्थित है, यह अजूबा एक स्टेडियम है। रोम में लोगों द्वारा देखने के लिए यह मुख्य आकर्षण का केंद्र है।

इस स्टेडियम का निर्माण 72 ए डी मे शुरू हुआ था, और 80 ए डी में पूरा हुआ था। यह स्टेडियम आकार में ओवल शेप की तरह है, यह विशाल आकृति कंक्रीट और रेत द्वारा बनाई गई थी।

इसकी वास्तु कला काफी पुरानी है लेकिन फिर भी यह दुनिया के सात अजूबों में से एक अजूबा है।

Colosseum-rome-inhindi
कोलोसियम

यह स्टेडियम भूकंप जैसी प्राकृतिक आपदा से थोड़ा प्रभावित हुआ है लेकिन फिर भी यह जैसे का तैसा है। इस स्टेडियम में 50,000 से 80000 तक लोग बैठ सकते हैं।

इस स्टेडियम में खेलकूद, सांस्कृतिक कार्यक्रम और जानवरों के द्वंद युद्ध कराए जाते हैं। यह स्टेडियम 24, 000 वर्ग मीटर के क्षेत्र में फैला हुआ है। माना जाता है कि आजकल के नए इंजीनियर द्वारा इस तरह की आकृति बनाने की कोशिश की जा चुकी है लेकिन इसमें वह सफल नहीं हो सके।

इसकी कारीगरी उन्हें एक पहेली की तरह लगी, जिसे वो कोशिश करने के बाद भी सुलझा नहीं पाए।

7. चिचेन इत्जा (Chichen Itza)

विश्व का यह अजूबा मेक्सिको में निर्मित एक बहुत पुराना ऐतिहासिक मयान मंदिर है। इस मंदिर का निर्माण एडी 600 में कराया गया था।

मेक्सिको में यह स्थान पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र है। इस जगह की वास्तुकला लगभग पिरामिड की तरह दिखाई देती है और इसके चारों ओर सीढ़ियां बनी हुई है।

यह मंदिर माया सभ्यता का एक पवित्र मंदिर है। इसके बारे में मान्यता है कि इस मंदिर को मायाओ ने धार्मिक आयोजनों और समारोह के लिए निर्मित कराया था।

Chichen Itza-wonder-ofthe-world-in-hindi
चिचेन इत्ज़ा

वर्तमान समय में यह स्थान मेक्सिको राज्य की संपत्ति है। इस शहर में लगभग 50,000 से अधिक लोग रहते थे।

यह स्थान 600 ईसवी से 1200 तक माया सभ्यता का एक प्रमुख नगर था। यह प्राचीन स्थल मेक्सिको के यूकाटन राज्य में टिनम की नगर पालिका के अंतर्गत आता है।

इस स्थान को 1988 में विश्व धरोहर के रूप में भी घोषित किया गया था और सन 2007 में इसे दुनिया के सात अजूबों में शामिल किया गया।

प्राचीन दुनिया के सात अजूबे (Seven Wonders of the Ancient World in Hindi)

आपको जानकार आश्चर्य होगा कि पहले ये सभी अजूबे जिनके बारे में हमने ऊपर बताया, दुनिया के सात अजूबों में नहीं आते थे।

दरअसल कुछ वर्षों के अन्तराल के बाद यह देखा जाता है कि कौन-सा अजूबा कितना प्रसिद्ध है। साथ में लोगों से पुछा जाता है कि उन्हें कौन-सा पर्यटन स्थल सच में अजूबा लगता हैं।

किसी भी स्थल की प्रसिद्धी व लोगों के द्वारा दी गई रेटिंग के अनुसार दुनिया के साथ आश्चर्य या अजूबे चुने जाता हैं। आज जो संसार के सात अजूबे है उन्हें भी ऐसे ही कई आधार पर चुना गया हैं।

आइये जानते हैं प्राचीन दुनिया के सात अजूबे के बारे में –

  1. गीज़ा के पिरामिड
  2. बेबीलोन के झूलते बाग़
  3. ओलम्पिया में जियस की मू्र्ति
  4. अर्टेमिस का मन्दिर
  5. माउसोलस का मकबरा
  6. रोडेस कि विशालमूर्ति
  7. ऐलेक्जेन्ड्रिया का रोशनीघर

भारत के सात अजूबे के नाम (Seven Wonders of India in Hindi)

जिस आधार पर पुरे संसार के पर्यटन स्थलों को रैंकिंग देकर उन्हें अजूबों का दर्जा दिया जाता हैं उसी प्रकार हर देश, अपने यहाँ मौजूद आश्चर्यचकित कर देने वाले स्थलों को अजूबों के लिए चुनता हैं।

मतदान (वोटिंग) तथा लोगों की दिलचस्पी के अनुसार भारत में भी कुछ अजूबे चुने गए हैं। इन अजूबों को भारत या इंडिया के अजूबे कहा जाता हैं। आइये जानते है इंडिया के सात अजूबे के नाम –

  1. श्रवणबेलगोला या गोमतेश्वर
  2. स्वर्ण मंदिर या हरिमन्दिर साहिब
  3. ताज महल
  4. हाम्पी
  5. कोणार्क
  6. नालंदा
  7. खजुराहो

👉 यह भी पढ़े > सर्दियों में घूमने के लिए खूबसूरत जगह

FAQ (सवाल-जबाब)

सवाल – दुनिया में कितने अजूबे हैं?

जबाब – दुनिया में 7 अजूबे हैं. नाम जानने व फोटो देखने के लिए ऊपर पोस्ट पढ़े.

सवाल – मध्यप्रदेश के सात अजूबे कौन से हैं?

जबाब – मध्यप्रदेश के सात मध्यप्रदेश के सात अजूबे साँची, मांडू, महेश्वर, पंचमडी, अपरलोक, उज्जैन तथ धुआंधार प्राप्त को कहा जाता हैं.

सवाल – दुनिया का पहला अजूबा कौन सा है?

जबाब – प्रसिद्धी एवं रैंक का अनुसार अब दुनिया का पहला अजूबा ताजमहल है.

आज हमने क्या जाना?

आज हमे दुनिया के सात आश्चर्य (Seven Wonders of the World in Hindi) के बारे में अच्छे से जाना। हम आशा करते है आपको दुनिया के सात अजूबे की यह पोस्ट बहुत पसंद आई होगी।

यदि आप भारत के साथ अजूबे के बारे में विस्तार से जानना चाहते है तो हमे कमेंट करके बताना न भूले।

👉 सबसे अधिक पसंद की जाने वाली पोस्ट

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *