सैटेलाइट के बारें में जाने 5 मिनट में सबकुछ | Satellite in Hindi

उपग्रह क्या हैं (Satellite Kya Hai) सेटेलाइट के प्रकार, जरुरत, सेटेलाइट कैसे काम करता है (Needs, Types of Satellite in Hindi, Working Process of Satellite)

satellite-in-hindi-kya-hai-types-working-process
सैटेलाइट क्या है – Satellite in Hindi

आज मानव बहुत अधिक तरक्की कर चुका हैं, नए-नए अविष्कार हो रहे है। हमने मंगल ग्रह पर बसने की योजना लगभग बना ही ली हैं। अंतरिक्ष में हमारा जाना तथा इस विशाल ब्रम्हाण्ड को जानना बहुत कठिन था। लेकिन उपग्रह या सेटेलाइट के अविष्कार ने हमारे लिए अंतरिक्ष के राज को खोलने का दरवाजा खोला। आइये जानते हैं सेटेलाइट के कारण ही आज इन्टरनेट की उपलब्धता हर छोटे गाँव तक हो पाई हैं। आइये जानते है उपग्रह या सैटेलाइट क्या है तथा सेटेलाइट कैसे काम करता हैं?

Table of Contents

सेटेलाइट क्या है? (Satellite in Hindi)

सैटेलाइट यानी उपग्रह, ऐसा उपग्रह जो मनुष्य द्वारा बनाया गया है। इसे कृतिम उपग्रह कहा जाता है। चांद भी एक उपग्रह है लेकिन यह एक प्राकृतिक उपग्रह है।

उपग्रह ग्रह के चक्कर काटते हैं। जिस तरह पृथ्वी हमारा ग्रह है ,उसी प्रकार चंद्रमा हमारा उपग्रह है। चंद्रमा पृथ्वी के चक्कर काटता है। इसी तरह से मानव द्वारा बनाए गए सैटेलाइट भी पृथ्वी के चक्कर काटते हैं।

भारत में अब तक कितने सेटेलाइट हैं? (Number of Satellite in India)

हमारा देश भारत विज्ञान के क्षेत्र में अब तक काफी प्रगति कर चुका है। वैज्ञानिक क्षेत्र में भारत अब कुछ ही देशों से पीछे हैं।

भारत में 1975 से 2013 तक 71 कृत्रिम उपग्रह अंतरिक्ष में भेजे जा चुके हैं।

इन उपग्रह को विभिन्न प्रक्षेपण यानो द्वारा अंतरिक्ष में भेजा जा चुका है।

सेटेलाइट को कितने प्रकार में बांटा गया है? (Types of Satellite in Hindi)

जैसे-जैसे टेक्नोलॉजी एडवांस होती जा रही हैं वैसे ही सेटेलाइट के भिन्न रूप सामने आ रही हैं. अब कई प्रकार की सेटेलाइट उपयोग में लायी जाती हैं. आइये जानते हैं सेटेलाइट के प्रकार

  1. लो अर्थ ऑर्बिट सैटेलाइट
  2. मीडियम अर्थ आर्बिट सैटेलाइट
  3. हाई अर्थ ऑर्बिट सैटेलाइट

तीनों ही प्रकार के सेटेलाइट को उनकी क्षमता के अनुसार बांटा गया है।

👉 यह भी पढ़े > ग्रुप टेक्नोलॉजी क्या हैं, आजकल इसकी क्यों है जरुरत

सेटेलाइट कैसे उड़ता है? (Satellite Kaise Kaam Karta Hai)

सेटेलाइट को उड़ाने के लिए ऊर्जा की जरूरत होती है, और सेटेलाइट को यह ऊर्जा सोलर पैनल के द्वारा मिलती है।

सेटेलाइट के दोनों तरफ सोलर पैनल लगे होते हैं, जो बिजली बनाने का काम करते हैं। और सैटेलाइट को इन से उर्जा मिलती है। इनके बीच में ट्रांसमीटर और रिसीवर भी होते हैं, जिनके द्वारा सिग्नल को भेजा या प्राप्त किया जाता है।
इनके अतिरिक्त कुछ मीटर भी लगे होते हैं जिनके द्वारा सैटेलाइट को कंट्रोल किया जाता है। और इनकी मदद से सेटेलाइट की दिशा को भी बदला जा सकता है।

सैटेलाइट को किसने बनाया था? (First Satellite in Hindi)

सेटेलाइट को बनाने वाले पहले सोवियत संघ (रूस के विभाजन से पहले का देश) ने बनाया था, उन्होंने ही अंतरिक्ष में उपग्रह को सबसे पहले प्रक्षेपित किया था।

उस उपग्रह को 1957 में लॉन्च किया गया था। और इस उपग्रह का नाम स्पूतनिक रखा गया था।

पृथ्वी से सेटेलाइट की दूरी कितनी होती है? (Satellite Distance from Earth)

पृथ्वी से सेटेलाइट की दूरी लगभग 36000 और केंद्र से लगभग 42000 किमी होती है।

सेटेलाइट को बनाने में कम से कम कितना समय लगता है?

सेटेलाइट को हर बार नई तरीके से बनाया जाता है। कुछ सैटेलाइट्स को 3 से 4 साल में बनाया जा सकता है। लेकिन ज्यादातर सेटेलाइट ऐसे होते हैं जिनको बनाने में लगभग 5 से 8 साल लग सकते हैं।
और इसके अतिरिक्त कुछ सेटेलाइट ऐसे भी होते हैं जिनको बनाने में 8 साल से अधिक साल भी लग सकते हैं। यह सेटेलाइट की विशेषता पर निर्भर करता है।

👉 यह भी पढ़े > गेम खेलकर 10 मिनट में लाखों रूपये कैसे कमायें

अंतरिक्ष में कितना बड़ा कैमरा लगाया जा रहा है?

अंतरिक्ष में नासा 300 magapixels का कैमरा लगाने जा रहा है।
इस कैमरे के द्वारा अंतरिक्ष में होने वाली क्रियाओं का पता लग सकेगा और यह कैमरा आकाशगंगा की तस्वीरें लेगा। इनके अलावा इसके द्वारा बाहरी ग्रह के बारे में जानकारी प्राप्त हो सकेगी।

विश्व में कितने उपग्रह है? (Number of Satellite in the World)

विश्व में सन 2022 तक पाँच हजार से अधिक पृथ्वी का अवलोकन करने वाली सेटेलाइट होगी। अंतरिक्ष में कुछ खास देशों के सेटेलाइट मौजूद हैं जैसे –

  • अमेरिका के 2900 सेटेलाइट
  • चीन के 500 सेटेलाइट
  • रूस के 167 सेटेलाइट
  • जापान के 78 सैटेलाइट और
  • भारत के 120 सैटेलाइट अंतरिक्ष में मौजूद है।

बाकी बचे सैटेलाइट फ्रांस, इंग्लैंड, स्पेन, जर्मनी आदि देशों के हैं.

भारत का सबसे पहला सेटेलाइट कौन सा था और उसे कब लांच किया गया? (India’s First Satellite)

भारत का सबसे पहला सेटेलाइट “आर्यभट्ट” था। इस सेटेलाइट का यह नाम भारतीय खगोल शास्त्री के नाम पर रखा गया था।

इस सेटेलाइट को सोवियत संघ द्वारा 19 अप्रैल 1975 को कॉसमॉस-3एम प्रक्षेपण वाहन द्वारा प्रक्षेपित किया गया था।

👉 यह भी पढ़े > रोम क्या है, आपका मोबाइल बेकार हैं इसके बिना

भारत का दूसरा सैटेलाइट कौन सा है? (India’s second satellite)

भारत के दूसरे उपग्रह का नाम “भास्कर “रखा गया। इस सेटेलाइट का वजन लगभग 442 किलो था। सेटेलाइट को 1979 को पृथ्वी की कक्षा में स्थापित किया गया था।

अंतरिक्ष में उपग्रह क्या करते हैं या अंतरिक्ष में इन्हें क्यों भेजा जाता है? (Needs of Satellite in Hindi)

अंतरिक्ष में उपग्रहों को, अंतरिक्ष की जानकारी प्राप्त करने के लिए भेजा जाता है। नासा के बहुत से उपग्रह ऐसे होते हैं जिनमें कैमरा और सेंसर लगाए जाते हैं। इनके द्वारा यह अंतरिक्ष की जानकारी भेजते हैं और इसके अलावा ये सौरमंडल और ब्रह्मांड से जानकारी प्राप्त करते हैं। और उस डाटा को नासा को भेजते हैं।

👉 यह भी पढ़े > रैम का बारें में जाने, मोबाइल लेने से पहले करते है चेक

FAQ (सवाल-जबाब)

सैटेलाइट का आविष्कार किसने किया

पहले सैटेलाइट के अविष्कार का श्रेय सोवियत संघ को जाता हैं वहाँ के डिज़ाइनर सर्गेई कोरोलेव को ने पहले सैटेलाइट का प्रारूप बनाया था।

भारत में कितने सेटेलाइट है

भारत में 120 से ज्यादा सेटेलाइट अंतरिक्ष में भेजे हैं।

विश्व का सबसे बड़ा अंतरिक्ष संस्थान कहां है?

विश्व के सबसे बड़ा अंतरिक्ष संसथान भारत के बंगलुरु शहर में स्थित है।

आज हमने क्या जाना?

आज हमने उपग्रह या सेटेलाइट क्या हैं (Satellite Kya Hai) इस बाते में अच्छे से जाना। हमने सेटेलाइट के प्रकार (Types of Satellite in Hindi), सेटेलाइट की जरुरत (Needs of Satellite in Hindi) तथा सेटेलाइट कैसे काम करता है, इस बारें में भी जानकारी प्राप्त की। उम्मीद करता हूँ कि आपको सैटेलाइट की यह पोस्ट बहुत पसंद आई होगी। अपने सुझाव कमेंट में बताना न भूले।

👉 अधिक पसंद की जाने वाली पोस्ट

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *